--प्रकाश पाण्डेय,
कोलकाता-प• बंगाल,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
राष्ट्र के व्यापारियों का सर्वोच्च व्यापारिक संगठन फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यपार मंडल (फैम) ने उपभोक्ता उत्पादों की मांग को बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री द्वारा की गई विभिन्न घोषणाओं की सराहना की है। साथ ही, सरकार की अन्य घोषणा का स्वागत किया, जिससे 1.05 लाख करोड़ रुपये की नई मांग उत्पन्न होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री को भेजे पत्र में फैम ने कहा कि सिर्फ दो घोषणा से, अग्रिम एवं यात्रा के बदले नगद से कारण सरकारी कर्मचारियों के हाथ में अतिरिक्त धन आने से निश्चित रूप से सुस्त पड़े बाजार में कुछ हलचल पैदा करेगा और उपभोक्ता वस्तुओ की बिक्री में 40,000 करोड़ इजाफा होने की पूर्ण सम्भावना है।
वी• के• बंसल, राष्ट्रीय महामंत्री, फैम ने बताया कि पत्र के माध्यम से वित्त मंत्री से अनुरोध किया गया है कि सरकारी कर्मियों को वितरित की जाने वाली अग्रिम एवं एलटीए के नकदीकरण से प्राप्त धनराशि से सिर्फ स्थानीय बाज़ारो में स्थित दुकानों से की गयी खरीददारी की ही अनुमति होनी चाहिए।
सुशील पोद्दार, अध्यक्ष, सीडब्ल्यूबीटीए ने बताया कि यह सर्व विदित है कि ऑनलाइन ई-कॉमर्स का कारोबार लॉकडाउन के बाद कई गुना बढ़ गया है, इसके विपरीत बाज़ारो के ग्राहक नदारद है। बाज़ारों की मांग ऑनलाइन इ-कॉमर्स के पास स्थान्तरित होने से कई दुकानें बंद हो गयी है या बंद होने के कगार पर हैं। सुशील पोद्दार ने अपना भी डर प्रकट करते हुऐ बताया कि अगर यह स्थिति कुछ और समय के लिए रहती है तो देश की अर्थव्यवस्था का पारंपरिक इको सिस्टम ध्वस्त हो जाएगा। आज की तारीख में दुकानदार अपनी आवश्यक लागत तक भी वसूल नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए अगर एडवांस और कैश इन एलटीए से अतिरिक्त प्राप्त धनराशि से 40,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग बाजार में आती है, तो निश्चित रूप से कई लाख दुकानें अपना अस्तित्व बचाने में सफल हो जायगी।
पत्र की प्रति प्रधानमंत्री और केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री को उनके हस्तक्षेप के लिए भेजी जाती है।
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