विश्व धरोहर दिवस : हमारी धरोहर हमारी पहचान



वाराणसी-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

विश्व धरोहर दिवस के उपलक्ष्य में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पर्यटन व कला इतिहास विभाग द्वारा 'हमारी धरोहर हमारी पहचान' विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमे वाराणसी के विभिन्न महविद्यालय व स्कूलों के बच्चों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. बी आर मणि (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण) रहे जिन्होने बताया कि भारत मे विश्व धरोहरों मे शमिल होने के लिए नालंदा विश्वविद्यालय धरोहर को किन किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। भारतीय धरोहरों को बचाने के लिए और पर्यटन के लिए विकसित करने के लिए सबको प्रयास करना चाहिए।

भारत पर्यटन वाराणसी के सहायक निदेशक अमित गुप्ता को वाराणसी के आस-पास के स्थलो को जोड़ने पर बल दिया। प्रो. पी के श्रीवास्तव, प्रो. प्रदोश मिश्रा, डा शाइज़ू ने अपने विचर रखे। मध्य प्रदेश पुरातत्व के शिवम दुबे द्वारा खजुराहो मंदिर के वास्तुकला व इतिहास पर व्याख्यान दिया गया जिसमें उन्होंने खजुराहो मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला पर विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन किया।

दरअसल हर साल 18 अप्रैल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर दिवस व अंतर्रष्ट्रीय स्मारक वर्ष मनाया जाता है। इस बार वर्ल्ड हेरिटेज डे 2021 की थीम 'काम्प्लेक्स पास्ट एंड डाइवर्स फ्यूचर है। विश्व धरोहर दिवस मनाने का महत्व इसलिए भी अहम हो जाता है, क्योंकि इसका मकसद सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासतों को संरक्षित करना और इसके प्रति लोगों को जागरूक करना है। इस कार्यक्रम में यह बताया गया कि अतीत हर व्यक्ति, हर देश के लिए बहुत जरुरी है। इतिहास में कब, क्या, कहां घटित हुआ यह जानना अति आश्यक है साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि सभ्यता को बचा कर रखने के लिए और इन धरोहरों के संरक्षण के लिए एक विशेष दिन चुनना आवश्यक है ताकि जनता को जागरुक कर सकें।

कार्यक्रम का धन्यवाद प्रकाश डा. राणा ने किया। कार्यक्रम संचालक व प्रस्तुति प्राची, योगेश, श्रेयांश, अभिषेक, सरित सरदार द्वारा किया गया।

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