--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी।
•☆• अप्पा को जीवंत किया तुलसीघाट - सुधा दत्ता
•☆• गिरिजा देवी की त्रयोदशाह में प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र, मालिनी अवस्थी, रीतादेव, सुनंदा शर्मा पहुंची
वाराणसी : नाशुक्रगुजारी कहे या भूल लेकिन दोनों ही स्थितियों में यह बिडम्बनापूर्ण कहा जायेगा कि ठुमरी साम्राज्ञी पद्मविभूषण गिरिजा देवी की त्रयोदसाह पर काशी का एक एक भी नामचीन कलाकार उनके आवास पर नजर नहीं आया। जो दूर थे उनकी बात छोड़ भी दे तो वे लोग जो जीते जी अप्पाजी की स्तुति करते अघाते नहीं थे उन्होंने भी साबित कर दिया कि असल जज्बात पर दिखावेपन में क्या अन्तर होता है।
वहीं अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के अध्यक्ष प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र की अगुवाई में तुलसीघाट पर आयोजित देव दीपावली समारोह में अप्पाजी के 52 फिट विहंगम तस्वीर के नीचे देशी-विदेशी पर्यटकों सहित लाखों लोगों ने अपने महबूब संगीत साधिका को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। काशी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी कलाकार को उसी के 52 फिट विहंगम तस्वीर के नीचे लोगों ने श्रद्धांजलि दी।
तुलसीघाट ने देव दीपावली पर अप्पाजी को समर्पित कर पूरी दुनियां में संदेश दिया। यह सम्मान किसी भी रत्न पर भारी रहा और सैकड़ों पद्म न्योछावर है। संजयनगर कालोनी स्थित गिरिजा देवी के आवास पर आयोजित त्रयोदसाह में पहुंचे अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के अध्यक्ष प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र से कृतज्ञता ज्ञापित करते हुये ठुमरी की रानी की पुत्री सुधा दत्ता ने कहा कि महंतजी आपने तुलसीघाट की देव दीपावली को अप्पाजी को समर्पित कर अप्पाजी को जीवंत कर दिया। ठुमरी की रानी की त्रयोदसाह में संकटमोचन के महंत प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र, अप्पाजी की शिष्या लोक कोकिला पद्मश्री मालिनी अवस्थी, जिलाधिकारी योगेश्वरराम मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर• के• भारद्धाज, बीएचयू संगीत एवं मंच कला संकाय के संकाय प्रमुख प्रो• विरेंद्रनाथ मिश्र, गंगा सहाय पाण्डेय, कांग्रेसी नेता सतीश चौबे सहित उनकी कई शिष्याओं ने शिरकत की।
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