पद्मावती का प्रदर्शन टलने से वितरक निराश



--- रंजीत लुधियानवी, वरिष्ठ पत्रकार, कोलकाता।

बाहुबली की शानदार सफलता के बाद राज्य में वितरकों का मानना था कि ऐतिहासिक और भव्य फिल्म पद्मावती अच्छा कारोबार करके नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। लेकिन फिल्म का प्रदर्शन टाल दिया गया है। इसके वितरक निराश हैं। कई लोगों का कहना है कि नवंबर समाप्त होते ही राज्य में नव वर्ष के आगमन की तैयारियां शुरू हो जाती हैं, इसलिए दिसंबर के पहले हफ्ते में पद्मावती का प्रदर्शन दो-तीन हफ्ते तक अच्छा कारोबार की उम्मीद जगा रहा था। बड़ा दिन और नव वर्ष के पहले कई फिल्मकारों ने पद्मावती के लिए अपनी फिल्मों के प्रदर्शन की तारीख पहले ही टाल दी थी। इसलिए फिलहाल कोई बड़ी हिंदी फिल्म रीलिज होने वाली नहीं है। 

मिनार, बिजली और छविघर सिनेमाहाल के मालिक सुरंजन पाल के मुताबिक पद्मावती से भारी कमाई की उम्मीद की जा रही थी। फिलहाल बांग्ला फिल्म समानांतरल और जीओ पाग्ला छठवें हफ्ते अच्छा कारोबार कर रही हैं। उनका मानना है कि अंग्रेजी की डब फिल्मों के मुकाबले बांग्ला फिल्म चलाना ही फायदेमंद है। दुर्गापूजा के दौरान प्रदर्शित हुई पांच फिल्में उतर चुकी हैं और अब कौन सी फिल्म चलाई जाए, यह एक समस्या बन गया है। 

प्राची सिनेमाघर की विदिशा बसु का कहना है कि हमारा मानना है कि निगेटिव प्रचार भी फिल्म के लिए फायदेमंद हो सकता है। लोगों में फिल्म देखने के प्रति जागरुकता पैदा होती है। लेकिन फिल्म के प्रदर्शन टलने के बाद पता नहीं कौन फिल्म प्रदर्शित होगी। 

मालूम हो कि इस साल बड़ा दिन के मौके पर सलमान खान की टाइगर जिंदा है और बांग्लासुपर स्टार देव की अमाजन अभियान 22 दिसंबर को प्रदर्शित होने जा रही है। इसके पहले तीन हफ्ते लगभग खाली हैं। कई वितरकों का कहना है कि दीवाली के बाद कोई भी बड़ी फिल्म प्रदर्शित नहीं हुई है, लोग संजय लीला भंसाली की पद्मावती की प्रतीक्षा कर रहे थे। फिलहाल तुम्हारी सुलू चल रही है और माना जा रहा है कि कुछ दिनों तक चल सकेगी। 

नवीना सिनेमा के मालिक का मानना है कि आगामी तीन हफ्ते किसी बड़ी फिल्म के नहीं होने के कारण करीब 10 लाख रुपये का घाटा होगा। इसी तरह, एक और फिल्म के मालिक का कहना है कि पद्मावती के प्रदर्शन के टलने के कारण बंगाल को कम से कम 15 करोड़ का घाटा हुआ है।

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