अंतर्राष्‍ट्रीय भूगर्भीय विज्ञान यूनियन "आईयूजीएस" शिष्‍टमंडल का आगमन



24 नवम्बर। अंतर्राष्‍ट्रीय भूगर्भीय विज्ञान यूनियन "आईयूजीएस" के एक उच्‍चस्‍तरीय शिष्‍टमंडल, जिसमें इसके अध्‍यक्ष, प्रो• क्‍यूमिंग चेंग, महासचिव प्रो• एस• सी• फिने एवं कोषाध्‍यक्ष प्रो• एच• किताजातो शामिल थे, ने 20 से 24 नवम्‍बर 2017 को भारत की यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्‍य वर्ष 2020 में भारत के नई दिल्‍ली में आयोजित होने वाली 36वीं अतंर्राष्‍ट्रीय भूगर्भीय कांग्रेस की तैयारी से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करना था।

भूगर्भ विज्ञान के ओलंपिक्‍स के रूप में विख्‍यात आईजीसी का आयोजन आईयूजीएस के तत्‍वाधान में हर चार वर्ष पर वैश्विक निविदा की प्रक्रिया के जरिए होता है। भारत ने 2020 में कांग्रेस का आयोजन करने संबंधी बोली 2012 में ब्रिस्‍बेन, ऑस्‍ट्रेलिया में जीती थी। यह जीत एक उल्‍लेखनीय उपलब्धि है, क्‍योंकि यह समारोह लगभग छह दशकों के बाद भारतीय भूमि पर आयोजित हो रहा है, जिसे लेकर पूरे भूविज्ञान समुदाय में बेहद उत्‍साह है।

इस समारोह का वित्‍त पोषण संयुक्‍त रूप से खनन मंत्रालय एवं पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है तथा इसमें भारतीय राष्‍ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) एवं अन्‍य पड़ोसी सह मेजबान देशों-बांग्‍लादेश, नेपाल, पाकिस्‍तान एवं श्रीलंका की विज्ञान अकादमियों का सक्रिय सहयोग शामिल है।

शिष्‍टमंडल ने अपनी यात्रा के दौरान इस समारोह के आयोजन स्‍थल इंडिया एक्‍सपो मार्ट लिमिटेड का निरीक्षण किया एवं इसकी सुविधाजनक जगह तथा उपलब्‍ध सुविधाओं को लेकर संतोष जताया। टीम ने इस अत्‍याधुनिक केन्‍द्र को एक प्रभावी तथा इस मेगा कांग्रेस के आयोजन के लिहाज से सभी प्रकार से सुसज्जित बताया, जिसमें 6,000 प्रतिनिधियों को समायोजित करने की सुविधा है।

आईयूजीएस शिष्‍टमंडल के गणमान्‍य व्‍यक्तियों ने खनन मंत्रालय के सचिव अरुण कुमार, पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम• राजीवन, दोनों मंत्रालयों के वरिष्‍ठ अधिकारियों एवं संयोजन समिति के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ परस्‍पर बातचीत की। डा• वी•पी• डिमरी आयोजन समिति के प्रेसीडेंट हैं, महासचिव डा• पी•आर गोलानी हैं, जामिया मिलिया इस्‍लामिया के कुलपति प्रो• तलत अहमद इसके पदेन अध्‍यक्ष हैं, फील्‍ड ट्रिप समिति एवं अन्‍य विख्‍यात भूवैज्ञानिक विभिन्‍न अन्‍य उपसमितियों के पदेन अध्‍यक्ष हैं। आयोजन समिति ने आईयूजीएस को तकनीकी, प्रशासनिक एवं अन्‍य मोर्चों पर की गई प्रगति की विस्‍तारपूर्णक जानकारी प्रस्‍तुत की। आगंतुकों को साइंटिफिक प्रोग्राम, प्रक्षेत्र भ्रमणों एवं विरासत तथा प्रकाशन कार्यक्रमों और तैयारी से संबंधित जानकारियां विस्‍तारपूर्वक उपलब्‍ध कराई गई।

आईयूजीएस टीम ने तैयारी संबंधी कार्यकलापों पर संतोष व्‍यक्‍त किया तथा अब तक किये गये कार्यों की मात्रा को केन्द्रित और प्रभावी बताया। टीम का मानना था कि होमवर्क के एक हिस्‍से के रूप में आवश्‍यक कार्य किये गये हैं। उन्‍होंने कहा कि तैयारी संबंधी गतिविधियों की रफ्तार को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि भारत एक बेहद सफल आईजीसी के आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है।

टीम के प्रमुख पदाधिकारियों ने अपनी यात्रा के दौरान विख्‍यात भूवैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, छात्रों एवं शोधकर्ताओं के सामने व्‍याख्‍यान भी दिए।

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