लोकतंत्र बचाने के लिए महागठबंधन समय की जरुरत : ममता



--- रंजीत लुधियानवी, वरिष्ठ पत्रकार, कोलकाता।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि 'देश में भाजपा के शासन में लोकतंत्र खतरे में है और उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आह्वान किया है कि देश के लोगों के भले के लिए आगामी लोकसभा चुनाव के पहले सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्य के काम में रोड़ा अटकाया जा रहा है।'

उन्होंने कहा कि ‘मौजूदा केंद्र सरकार के शासन के तहत देश का लोकतंत्र खतरे में है। देश में सुपर इमरजंसी चल रही है। बीते दो दशक से सांसद होने के बावजूद केंद्र में कभी भी ऐसी सरकार नहीं देखी है।’ महानगर में इंडिया कानक्लेव इस्ट में ‘राइजिंग फ्राम द इस्ट-एन एलायंस फार इंडिया’ में अपने विचार पेश करते वक्त उन्होंने उक्त बातें की। 

इस मौके पर उन्होंने कहा कि ‘मैं सामुहिक नेतृत्व में विश्वास करती हूं और मौजूदा माहौल में सभी लोगों को एक जुट होकर काम करना ही सबसे अच्छी नीति हो सकती है। आइए, हमलोग मिलजुल कर काम करें। विरोधी दलों के बारे में बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि डीएमके, सपा और बसपा के साथ ही बीजेडी से अच्छे संबंध हैं और विभिन्न मुद्दों पर संसद में कांग्रेस के साथ भी मिलकर काम करते हैं।’ 

एक सवाल के दौरान जब मुख्यमंत्री से यह पूछा गया कि क्या 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले विरोधी दलों के ‘महागठबंधन’ कायम करने के बारे में कह रही हैं, उनका कहना था कि बंगाल में कांग्रेस और वाममोर्चा राज्य स्तर पर भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर देश के व्यापक हित को देखते हुए मेरा मानना है कि हमें साथ मिलकर काम करना चाहिए। 

एक सवाल में यह पूछा गया कि क्या देश में 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले एक महागठबंधन कायम हो सकता है, ममता ने कहा कि यह समय पर निर्भर करता है। पटना में लालू प्रसाद यादव की रैली में शामिल होने के लिए मैं गई थी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अखिलेश जी और बसपा प्रमुख मायावती, डीएमकी से स्टालीन जी, बीजेडी के नवीन जी के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि मैं दूसरे कई लोगों के साथ अच्छे संबंध कायम रखती हूं। इतना ही नहीं, भाजपा में भी सभी नहीं, लेकिन कुछ लोगों से मेरे संबंध अच्छे हैं। 

ममता ने कहा कि बंगाल कभी भी बांटो और राज करो की भाजपा की नीति को स्वीकार नहीं करेगा। इसके साथ ही उन्होंने इसका खंडन किया कि भाजपा बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का विकल्प बन सकता है। 

उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा मीडिया और सोशल मीडिया को छोड़ कर कहीं नहीं है। वे लोग सिर्फ चिल्लाते हैं। भाजपा वालों को अपनी बाइक वाहिनी के साथ चिल्लाने दें, लेकिन वे बंगाल में कुछ नहीं कर सकेंगे। भाजपा राज्य में  मुख्य विरोधी दल की जगह हथियाना चाहती है।

https://www.indiainside.org/post.php?id=977