कोलकाता, नोटबंदी के खिलाफ एक ओर जहां सारे विरोधी दल सुर में सुर मिलाते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलते हुए केन्द्र सरकार को कोस रहे हैं व भारत बन्द का एलान कर रहे है वही बंगाल राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 28 नवम्बर को भारत बन्द का समर्थन न करते हुए जनहित में आक्रोश दिवस पालन करने का निश्चय किया हैं। अनुमान है कि लगभग 3 लाख तृणमूल समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सड़क पर उतरेंगी व विशाल रैली का आयोजन होगा। आक्रोश दिवस के लिए कोलकाता व हावड़ा के प्रत्येक वार्डों में तृणमूल काँग्रेस समर्थकों द्वारा हजारों की संख्या में जुलूस निकाला जा रहा है व सभाएं भी आयोजित की जा रही है। इसी सिलसिले में उत्तर कोलकाता तृणमूल काँग्रेस के नेता कृष्ण प्रताप सिंह के नेतृत्व में गत 26 नवम्बर 2016 को प्रतिवाद सभा का आयोजन किया गया जिसमें उन्होने अपने वक्तव्यों में केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कालेधन के चक्कर में देश में आपातकाल की स्थिति उत्पन्न हो गयी है जिससे लोगों में दिन प्रति दिन भारी रोष उत्पन्न हो रहा है व बरदास्त से बाहर हो गया है। सभा में उपस्थ्ति स्थानीय लोगों से निवेदन करते हुए उन्होने कहा कि 28 नवम्बर की रैली को सफल बनाने के लिए भारी से भारी संख्या में उपस्थित हों। प्रतिवाद सभा के आयोजनकर्ता व उत्तर कोलकाता तृणमूल काँग्रेस जयहिन्द वाहिनी के सचिव रवि ओझा ने भी अपने वक्तव्यों में केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए जम कर कोसा व साथ साथ तृणमूल नेता सुरेश पाण्डेय, राजेश सिन्हा, प्रदीप मजूमदार, प्रगतिशील हाँकर यूनियन कोलकाता अध्यक्ष सचिन त्रिपाठी, आली हुसैन सोनू, तृणमूल युवा के शक्ति प्रताप सिंह ने भी मोदी सरकार के खिलाफ रही-कही कसर पूरी की। कार्यक्रम दौरान उत्तर कोलकाता तृणमूल काँग्रेस जयहिन्द वाहिनी के उपाध्यक्ष मोहम्मद माजिद के नेतृत्व में मोटर साइकिल रैली निकाली गयी जो कोलकाता नगर निगम के वार्ड संख्या 39 से प्रारम्भ होकर बड़ाबाज़ार के विभिन्न अंचलों का भ्रमण करते हुए राजाकटरा के संगम स्थल पर आयोजित प्रतिवाद सभा में तब्दील हो गयी। इस अवसर पर मिठू पोद्दार, रोहित जयसवाल, संदीप जयसवाल, शनि गुप्ता, राज सोनकर, अंकित सिंह, अमित पाण्डेय, टिंकू सोनकर, आकाश यादव, कुन्ति सिंह, गणेश गुप्ता, नितेश सिंह, सोनू मिश्रा, नीरज पाण्डेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।