--- रंजीत लुधियानवी, कोलकाता।
महानगर के एक प्राइवेट स्कूल ने किसी भी हालत में छात्र-छात्राओं का शरीर स्पर्श करने पर पाबंदी लगा दी है। स्कूल का कहना है कि किसी भी हालत में विद्यार्थियों को छुआ नहीं जा सकता है। इसके तहत अगर बच्चे को प्रोत्साहित करना हो, आर्शीवाद देना हो या अगर वह बीमार पड़ जाए, तब भी उसे स्पर्श नहीं किया जा सकेगा। शिक्षक-शिक्षिकाओं को एक निश्चित दूरी बनाए रखते हुए बातचीत करनी होगी। इसके साथ ही स्कूल की ओर से कहा गया है कि लिफ्ट में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे लिफ्ट में होने वाली हर हरकत पर नजर रखी जा सके।
मालूम हो कि रेयान स्कूल में एक छात्र प्रद्यूमन की मौत के बाद सीबीएसई की ओर से 28 सितंबर को स्कूलों को दिशानिर्देश भेजे गए थे, जिससे मुताबिक एहतियात बरतने के लिए कई सुझाव दिए गए थे। महानगर के एक स्कूल में चार साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न की घटना के बाद सोमवार को दोबारा उस निर्देशिका को पोस्ट किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को निश्चित करने के लिए बोर्ड की ओर से कहा गया है कि शिक्षक-शिक्षा कर्मचारियों की साइकोमैट्रिक जांच करवाई जानी चाहिए। सीसीटीवी लगाए जाने के साथ ही उनके अतीत की जानकारी भी हासिल की जाए। इसके साथ ही सुरक्षा आडिट, विजीटरों पर निगरानी की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है।
दूसरी ओर, स्कूलों की ओर से अपनी ओर से सुरक्षा के लिए इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं। अभिनव भारती की ओर से पहले लगाए गए 38 सीसीटीवी कैमरों के साथ दूसरे 15 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। स्कूल बस में जीपीएस ट्रैकर व सीसीटीवी, शिक्षक और शिक्षा कर्मचारियों को परिचयपत्र जमा करने के लिए कहा गया है। राममोहन मिशन में पुलिस अधिकारियों से सेफ्टी रिव्यू करवायाजा रहा है। श्री शिक्षायतन स्कूल में सुरक्षा बंदोबस्त के तहत अभिभावकों को स्कूल में ले जाकर उनकी सलाह लेने का फैसला किया गया है। ला मार्टिनियर स्कूल में सीआईएसएफ से सुरक्षा करवाने का फैसला किया गया है। जबकि कोलकाता के एक डीपीएस स्कूल ने छात्र-छात्राओं के स्पर्श करने पर पाबंदी लगाई है।