● साभार
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पश्चिम बंगाल, 08 दिसम्बर। बीते कुछ महिनों से कुआर्डि कोलियरी, 12 नम्बर के नजदीक चल रहे अवैध उत्खनन के खिलाफ आखिर ग्रामीणों का गुस्सा फुट पड़ा। शुक्रवार 08 दिसम्बर की सुबह पास के गाँव के करीब 200 की संख्या में लोगों ने अवैध कोयला खदान पर धावा बोल दिया। काफी -तोड़-फोड़ की। वहाँ पर बनी झोपड़ियों को जला दिया जिसे कोयला माफिया इस्तेमाल करते थे। गाड़ियों में भी तोड़-फोड़ मचाई। जेनरेटर को लेकर भाग गए एवं पहले से खोदी हुयी भारी मात्रा में कोयले को लूट लिया। एक अनुमान के मुताबिक करीब 10 डंपर कोयला खोद कर रखा हुआ था जिसे आक्रोशित ग्रामीणों ने लूट लिया।
● नोनिया नदी का बांध काटे जाने से आक्रोशित हुये ग्रामीण
यहाँ के स्थानीय लोगो में काफी गुस्सा है कि यहाँ नोनिया नदी के उपर 60 साल पुराने बांध को काटकर अवैध कोयला ले जाने वाले ट्रक का रास्ता बनाया गया। नोनिया नदी पर बना यह बांध भारी बारिश के समय जल संग्रह का कार्य करता है। जिस प्रकार से बांध को काटकर रास्ता बनाया गया है उससे भविष्य में ज्यादा बारिश होगी तो वहाँ के कई ग्राम बाढ़ की चपेट में आ सकते है। लेकिन यहाँ पुलिस नेता और कोयला माफिया के मिलीभगत से न सिर्फ कोयले की लूट चल रही है बल्कि कई गाँव के अस्तित्व को भी खतरे में डाला जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार काफी समय से ग्रामीण नोनिया नदी के बांध को कोयला माफियाओं से बचाने की गुहार लगा रहे थे। जब प्रशासन ने उनके गुहार पर कोई ध्यान नहीं दिया तो उन्हे बाध्य होकर स्वयं ही इन अवैध कोयला खदानों के खिलाफ खड़ा होना पड़ा।
● पुलिस का एक परिंदा भी नहीं पहुंचा
एक अवैध कोयला खदान में इतनी बड़ी घटना घटी। सैकड़ों ग्रामीण जमा हुये। भारी तोड़-फोड़, कोयले की लूट एवं आगजनी हुयी लेकिन वहाँ पुलिस का एक परिंदा भी नहीं पहुंचा। न पुलिस और न किसी भी स्थानीय नेता ने पूरे मामले का संज्ञान लिया। कानून व्यवस्था का इससे बड़ा मज़ाक पूरे शिल्पांचल ने आज तक नहीं देखा होगा।