दिसम्बर माह की पहली तारीख को एड्स दिवस मनाया जाता हैं। इसे रेड रिबन से सांकेतिक किया गया है, एचआईवी पॉज़िटिव लोगों के साथ एकजुटता व एड्स के साथ जी रहे लोगों के लिए वैश्विक प्रतीक है। वर्ष 1988 पश्चात समूचे विश्व में एक दिसम्बर को एड्स दिवस मनाया जाता है जिसका उदेश्य एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इस बीमारी से मौत हुई लोगों के प्रति शोक व्यक्त करना है। मुख्यरूप से कानूनी जागरूकता पर कार्य कर रही संस्था संकल्प टूड़े स्वास्थ और शिक्षा से संबन्धित जागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन करती आ रही है। पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी गत 1 दिसम्बर 2016 को अपने कार्यालय सदन में संस्था संकल्प टूड़े ने विश्व एड्स दिवस का पालन करते हुए प्रचार व प्रसार पर सभी का ध्यान केन्द्रित किया। कार्यक्रम दौरान चर्चा करते हुआ कहा गया कि इस महामारी से बचते हुए दूसरों को भी बचाएं व साथ साथ समाज में लोगों को जागरूक भी करें। कार्यक्रम में उपस्थित छोटे बच्चों ने विश्व एड्स दिवस लिखा टोपी पहन रखा था और “से नो एड्स, येस टु लाइफ” का नारा भी लगते रहें। कार्यक्रम का संचालन कर रहे संस्था के सचिव इम्तियाज़ भारतीय सहित अध्यक्ष डॉ सीपी वर्मा, सुजीत, मुस्तफा मुर्तुजा व अन्य मौजूद थे।