माकपा, तृणमूल के बाद अब भाजपा में शामिल, दल बदलने में माहिर रहमान



--- रंजीत लुधियानवी, कोलकाता।

तृणमूल कांग्रेस की ओर से छह साल के लिए निलंबित कर दिया गया था, इसलिए नगर पालिका के प्रधान का पद भी गंवाना पड़ा था। ऐसी हालत में पांसकुड़ा के नेता अनीसुर रहमान ने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया।

मालूम हो कि पूर्व मेदिनीपुर जिले की राजनीति में अधिकारियों के विरोधी और मुकुल राय गुट के माने जाने वाले रहमान मुकुल के कहने पर ही भाजपा में शामिल हुए बताए जाते हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल में रहकर लोगों के लिए काम नहीं कर सकते थे। इसलिए भाजपा में शामिल होने का फैसला किया क्योंकि लोगों के लिए काम करना है।

मालूम हो कि अनीसुर दल बदलने में माहिर माने जाते हैं। पहले वे माकपा नेता थे, लेकिन दल विरोधी गतिविधियों के कारण माकपा ने उन्हें दल से निकाल दिया था। तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद पांसकुड़ा के पार्षद और पूर्व मेदिनीपुर जिला युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष पर हासिल करने में अनीसुर कामयाब हुए थे।

हालांकि दल बदलने के बाद भी विवादों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। पिछले साल पांसकुड़ा पंचायत समिति की अध्यक्ष के खिलाफ रहमान समर्थकों की ओर से पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने के बाद उन्हें युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद पांसकुड़ा नगरपालिका प्रधान पद को लेकर विवादों में घिर गए। तृणमूल कांग्रेस की ओर से घोषित किए गए उम्मीदवार नंद कुमार मिश्र को पराजित करके वे प्रधान बन गए। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें छह साल के लिए निलंबित कर दिया। दबाव के कारण प्रधान पद से इस्तीफा देने के बावजूद नियमानुसार उसे बोर्ड की मीटिंग से पारित नहीं करवाया। जिससे तकनीकी तौर पर वे प्रधान बने रहे। हालांकि कुछ दिन पहले नगरपालिका की ओर से नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में उन्हें पद से हटा दिया गया था। इस बारे में उन्होंने अदालत में मामला दायर किया और उनका अभी भी दावा है कि पांसकुड़ा का प्रधान मैं ही हूं।

पेशे से प्राइमरी स्कूल के अध्यापक रहमान का पांसकुड़ा में नर्सिंग होम और बीएड कालेज भी है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि बगैर किसी समस्या के कारोबार चलाने के लिए ही उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है।

भाजपा का मानना है कि उनके दल में शामिल होने से दल मजबूत होगा जबकि तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि ऐसे लोगों से कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला। पूर्व मेदिनीपुर जिला भाजपा के अध्यक्ष प्रदीप दास का कहना है कि रहमान जैसे संगठक के दल में शामिल होने के बाद जिले में हमारा जनाधार मजबूत होगा। जबकि जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष शिशिर अधिकारी का कहना है कि ऐसे लोगों के आने -जाने से तृणमूल को फर्क नहीं पड़ता।

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