--- हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी।
● बीएचयू अस्पताल के एमएस का छात्रों ने पुतला फूंका
● पिटती रही महिला दुकानदार मूकदर्शक रहे सुरक्षाकर्मी
वाराणसी, 14 दिसम्बर। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कभी छेड़खानी, कभी अस्पताल की दलाली तो कभी मरीजों को दिखाते समय चिकित्सकों से छात्रों का जंग अब आम बात हो गयी है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसी अनहोनी घटना से इंकार भी नहीं किया जा सकता है। आये दिन हो रही छिटफुट घटनाओं से अब यह आशंका है कि महामना की बगिया एक बार फिर कहीं परिसर को अशांत न कर दे।
गुरुवार को बीएचयू समाजवादी छात्रसभा इकाई के छात्रों ने सर सुन्दरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के आवास पर बीती रात कथित पेट्रोल बम से हमला में साजिशन छात्रों को फसाने एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुये बीएचयू प्राक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के सामने चिकित्सा अधीक्षक डा• ओ• पी• उपाध्याय का पुतला दहन किया। छात्रों के आंदोलित होने से स्थानीय पुलिस प्रशासन भी अब अलर्ट मोड में आ गया है। एहतियात के तौर पर चिकित्सा अधीक्षक के आवास और कार्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि बुधवार की रात जहां बीएचयू सर सुन्दरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा• ओ• पी• उपाध्याय के आवास पर अज्ञात लोगों द्वारा पेट्रोल बम से हमला किया गया। वहीं इसके पूर्व समाजवादी छात्र सभा से जुड़े छात्रों ने एसएसपी से मिलकर बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक पर गाली गलौज एवं धमकी दिये जाने शिकायत की है। इसी बीच गुरुवार को अचानक भड़के छात्रों ने चिकित्सा अधीक्षक आवास पर हुई पेट्रोल बम से हमले को फर्जी करार देते हुये यह आरोप लगाया है कि बमबाजी की घटना को षडयंत्र के तहत अंजाम देकर चिकित्सक अधीक्षक के भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुखर होने वाले छात्र नेताओं को संगीन धाराओं में फसाने की अस्पताल प्रशासन साजिश रच रहा है।
इस बाबत समाजवादी छात्रसभा बीएचयू इकाई के अध्यक्ष आशुतोष सिंह इशू ने आरोप लगाते हुये कहा कि अस्पताल के एमएस के भ्रष्टाचार के विरुद्ध छात्रों को फर्जी मुकदमें में फंसाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उपरोक्त एमएस के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की तो आंदोलन को और उग्र किया जायेगा।
● पिटती रही महिला दुकानदार मूकदर्शक रहे सुरक्षाकर्मी
वहीं बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर पर गुरुवार की शाम को बीएचयू का छात्र बताने वाले युवकों ने फूल-माला बेचनेवाली महिला दुकानदार शांति देवी और उसके बेटे को मारपीट कर घायल कर दिया। इस घटना से मंदिर परिसर में अफरा तफरी मच गई। दुकानदार शांति देवी ने यह आरोप लगाया है कि बीएचयू का छात्र बताने वाले कुछ लड़के दुकान पर आकर किसी नेता के लिए माला लिये जब मैने पैसा मांगा तो उन लड़कों ने गाली गलौज करते हुये मारपीट किया। हम लोगो को हमलावर युवक मारते-पीटते रहे लेकिन कोई बचाने नही आया, यहां तक कि मौके पर तैनात बीएचयू सुरक्षाकर्मी भी मूकदर्शक बने रहे, न बचाया और न ही हमलावर युवको को पकड़ा। इस बाबत पीड़ित महिला ने 30 अज्ञात युवकों के खिलाफ लंका थाने में से लिखित शिकायत की है।