रसोई गैस की चोरी रोकने के लिए ग्राहकों को होना होगा सतर्क



--- रंजीत लुधियानवी, कोलकाता।

दो-ढाई महीने चलने वाली रसोई गैस किसी किसी बार डेढ़ - दो महीनों में ही समाप्त हो जाती है, लोग सोचते हैं कि शायद ज्यादा गैस खपत के कारण ऐसा हुआ हो। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि आपके गैस की चोरी की गई हो ? जी हां, यह सच है कि गैस की चोरी होती है और इस बारे में प्रचार भी किया जाता है कि सिलेंडर लेते वक्त वजन करके उसे लें। लेकिन शायद ही कोई ग्राहक ऐसा करता है।

मालूम हो कि महानगर के कालीघाट में एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जो घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी से पहले 4-5 किलो गैस निकाल लेता था। इस मामले में कोलकाता पुलिस के इंफोर्समेंट ब्रांच (ईबी) ने गैस डिलीवरी करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसका नाम पंकज सिंह है। इस बारे में बताया गया है कि इलाके में कई दिनों से लोगों को ऐसा लग रहा था कि सिलेंडर में कम गैस भरा जा रहा है। बहुत जल्द गैस खत्म हो जा रहा था। संदेह होने पर लोगों ने गैस डिलीवरी करने वाले को कहा कि वह वजन करने के लिए स्प्रिंग तराजू ले आए, जिसपर उसने कहा कि उसके पास ऐसा कुछ नहीं है। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे से बात की और  जैसे ही डिलीवरी ब्वाय सिलेंडर लेकर पहुंचा। लोगों ने खुद प्रबंधित किए गए तराजू से वजन करना शुरू कर दिया। एक के बाद एक 7 सिलेंडरों का वजन किया गया। किसी में 4 तो किसी में 5 किलो गैस कम था।

गौरतलब है कि एक सिलेंडर का वजन 15-16 किलो होता है। 14 किलो गैस भरने के बाद उसका वजन 29-30 किलो होना चाहिए लेकिन जितने भी सिलेंडरों का वजन किया गया, सारे 25 किलो से कम थे। इसके बाद स्थानीय लोगों ने डिलीवरी ब्वाय को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंकज को हिरासत में लेकर जांच की जिम्मेदारी ईबी को सौंप दी है।

मामले की जांच में जुटी ईबी टीम का अनुमान है कि गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर निकले लोग रास्ते में कहीं ऐसी जगह जाते हैं, जहां प्रत्येक सिलेंडर में से 4-5 किलो गैस निकाल ली जाती है। इसके बाद ही घरों में सिलेंडर पहुंचाए जाते हैं। अमूमन डिलीवरी लेने से पहले ज्यादातर लोग सिलेंडर का वजन नहीं करते हैं। लोगों के इस सीधेपन का लाभ उठाते हुए ऐसे लुटेरे अपना काम करते हैं। अब डिलीवरी ब्वाय से पूछताछ कर इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों को तलाश जा रहा है।

मालूम हो कि कोलकाता, हावड़ा ही नहीं सारे देश में रसोई गैस चोरी की घटनाएं होती रहती हैं। इसके पहले पर्णश्री थाना इलाके में ईबी ने इसी तरह से सिलेंडर की चोरी करने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। अब यह जांच की जा रही है कि उस घटना का संबंध पकड़े गए चोर से है या नहीं। पुलिस का अनुमान है कि कोलकाता में ऐसे कई गिरोह सक्रिय है जो गैस चोरी के कारोबार से जुड़े हैं। इसलिए पुलिस की सलाह है कि लोगों को एलपीजी लेने के पहले उसका वजन जरुर करना चाहिए। होना तो यह चाहिए कि आपूर्ति करने वाला ही वजन की व्यवस्था करे, ऐसा न करने पर लोगों को खुद वजन की व्यवस्था करनी चाहिए। महंगाई के दौर में चार-पांच किलो गैस की कीमत दो-ढाई सौ रुपये तक हो सकती है। पुलिस का कहना है कि जरा सी सतर्कता से जहां चोरी पर अंकुश लगेगा वहीं लोगों का फायदा भी होगा।

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