इतिहास की प्रेरणा से ही रचता है कहानी का संसार - राजकुमार



--- हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी।

(●) बीएचयू पत्रकारिता विभाग में अभिकल्प नवप्रर्वतन का दुसरा दिन

वाराणसी, 19 दिसंबर। सिनेमा एक क्राफ्ट होता है, जिसे साहित्य तथा इतिहास से प्रेरणा लेकर एक अद्भुत कहानी का संसार रचा जा सकता है।  यह बात सोमवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जन संप्रेषण विभाग में अभिकल्प नवप्रवर्तन केन्द्र की ओर से आयोजित ‘इनोवेशन इन कम्युनिकेशन’ कार्यशाला के दूसरे दिन बतौर मुख्य वक्ता सरकार 3 व जेड प्लस जैसी चर्चित फिल्मों के पटकथा लेखक व गीतकार रामकुमार सिंह ने कही।

उन्होंने फिल्म पटकथा लेखन की बारिकीयों से छात्रों को रूबरू कराया। सात दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन प्रथम सत्र में हिन्दी व देश की तमाम क्षेत्रीय फिल्मों में सक्रिय बनारस के प्रख्यात फिल्मकार, थियेटर निर्देशक एवं फिल्म कलाकार डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी बतौर मुख्य वक्ता के रूप में मौजुद रहे। प्रशिक्षुओं को उन्होंने बताया कि किसी भी किरदार को रचने-बसने के लिए आम-जनजीवन का बारीकी से अध्ययन करना पड़ता है। फिल्मी दुनिया में खुद को स्थापित करने के लिए आज की पीढ़ी को अपने उच्चारण पर विशेष ध्यान देने व अपनी अलग पहचान के लिए निर्भयता की आवश्यकता है। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने थियेटर व नाटक के गुरों को सीखा।

कार्यक्रम का संयोजन पत्रकारिता विभाग के प्राध्यापक डॉ. धीरेन्द्र कुमार राय व संचालन सौम्या सर्राफ एवं हर्षित ने किया। कार्यशाला के तीसरे दिन बतौर मुख्य वाक्ता प्रसिद्ध लघु फिल्मकार अनीष चन्द्रा उपस्थित रहेंगे।

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