10 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
2014 में अपने गठन के बाद कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने सफलता के 3 वर्ष पूरे किये हैं। भारत सरकार ने पहली बार इस मंत्रालय का गठन किया है तथा राष्ट्रीय राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेम वर्क (एनएसक्यूएफ) के अंतर्गत विकास के लिए आवश्यक सभी कौशल पहलों को एक साथ लाया गया है। एमएसडीई कार्यक्रम के तहत, 2017 में 2.5 करोड़ लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है और एक करोड़ से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया गया है।
कौशल विकास अवसंरचना के लिए निवेश
प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र : वर्ष 2017 में एमएसडीई ने उद्योग जगत के मानकों के अनुरूप अवसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया। इसके तहत प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र (पीएमकेके) लॉंच किया गया। पीएमकेके को संबंधित जिले के कौशल विकास अवसंरचना, प्रशिक्षण और रोजगार प्राप्त करने के लिए एक आदर्श केन्द्र के रूप में विकसित होने की क्षमता है। यह कौशल विकास को गुणवत्ता के अनुरूप, आकांक्षा पूर्ण और सतत प्रक्रिया बनाने में सहायता प्रदान करेगा।
22 दिसम्बर 2017 को 27 राज्यों के 484 जिलों व 406 संसदीय क्षेत्रों के लिए 527 प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र आवंटित किये गये। इनमें से 328 केन्द्रों की स्थापना हो चुकी है शेष 150 केन्द्रों की निर्माण प्रक्रिया जारी है। 263 पीएमकेके केन्द्रों का उद्घाटन संसद सदस्यों द्वारा किया गया। वित्त वर्ष 2017 में 211 केन्द्रों का उद्घाटन हो चुका है और 261 केन्द्रों की स्थापना की गई है।
उप राष्ट्रपति ने 16 सितम्बर 2017 को हैदराबाद में एमएसडीई के पहले क्षेत्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान (आरवीटीआई) की आधारशिला रखी। वर्तमान में पूरे देश में 15 आरवीटीआई हैं।
भारत कौशल संस्थान (आईआईएस) : आईटीई सिंगापुर के समान देश के 5 क्षेत्रों में उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। पहले आईआईएस का निर्माण टाटा समूह की सहायता से शीघ्र ही मुम्बई में शुरू होगा। परिसर निर्माण के लिए 476 करोड़ रूपये की धनराशि निर्धारित की गई है। इस केन्द्र में ऊर्जा कार्यकुशल निर्माण, औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक, स्व्चालन जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम और उपलब्धियां
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) और पूर्व कौशल की मान्यता। आरपीएल ; कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने पूरे देश में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना लागू किया है। इसके तहत आदिवासियों समेत बड़ी संख्या में युवाओं को अल्पावधि का प्रशिक्षण (एसटीटी) दिया जाता है तथा उनके द्वारा पूर्व में अर्जित कौशल को पंजीकृत संस्थानों के सहयोग से मान्यता दी जाती है। इसके तहत 35 उद्यम क्षेत्रों के 252 प्रकार की नौकरियों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। पीएमकेवीवाई के अंतर्गत 18 दिसम्बर 2017 तक 44.5 लाख प्रशिक्षुओ को (27.76 लाख एसटीटी तथा 7.76 लाख आरपीएल) लगभग 5 लाख युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2017 में एसटीटी के अंतर्गत 11 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया और आरपीएल के अंतर्गत 3.7 लाख लोगों का आकलन किया गया और उन्हें प्रमाण पत्र दिया गया।
शुल्क आधारित प्रशिक्षण : राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने शुल्क आधारित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया है। इसके तहत एमएसडीई ने अब तक 74 लाख लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। 2017 में 7 लाख प्रशिक्षुओं ने नामांकन करवाया और इनमें से 50 प्रतिशत लोगों को राजमिस्त्री, वित्तीय साक्षरता, रेफ्रीजरेशन मैकेनिक, वाशिंग मशीन मैकेनिक आदि की नौकरियां प्राप्त हुई हैं।
आईटीआई की स्थापना के लिए नई प्रकिया व नये नियम लॉंच : राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा परिषद (एनसीवीटी) से मंजूरी मिलने के पश्चात मंत्रालय ने आईटीआई संस्थानों के उन्नयन के लिए नई प्रक्रिया का शुभारंभ किया। पूरे देश में आईटीआई संस्थानों के लिए एक समान भवन, परिसर व सुविधाएं होंगी। प्रक्रियाको सरल व पारदर्शी बनाया गया है।
लम्बी अवधि का प्रशिक्षण : लम्बी अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 13912 आईटीआई संस्थानों की स्थापना की गई है। इनमें से 557 संस्थानों की स्थापना वर्ष 2017 में हुई है। सीटों की संख्या बढ़कर 22.82 लाख हो गई है। कुल 77040 सीटों की वृद्धि हुई। वर्ष 2017 में कुल 12.12 लाख युवा उत्तीर्ण घोषित किये गये।
आईटीआई की ग्रेडिंगः कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तत्वावधान में प्रशिक्षण महानिदेशालय ने आईटीआई के लिए ग्रेडिंग शुरू की ताकि कार्यरत संस्थानों को ‘स्टार रेटिंग’ प्रदान की जा सके और कुछ मानदंडों में पीछे चल रहे संस्थानों को सुधार का एक अवसर दिया जा सके। ग्रेडिंग ढांचे के अनुसार 43 परिभाषित मानदंडों में प्रत्येक के सामने स्कोरिंग की जाएगी। आईटीआई की ग्रेडिंग स्वैच्छिक है। कुल 5090 आईटीआई (सरकारी और निजी आईटीआई) ने स्व-रेटिंग की आखिरी तारीख तक ऑनलाईन स्व-रेटिंग की है। स्व-रेटिंग वाले आईटीआई की तृतीय पक्ष लेखा परीक्षक द्वारा मौके पर सत्यापन/आंकड़ों की वैधता के बाद कोर ग्रेडिंग समिति द्वारा मंजूर अंतिम रेटिंग की घोषणा की जाएगी।
संकल्प और स्ट्राइवः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने अक्टूबर, 2017 में एमएसडीई को ‘स्किल्स एक्वीजिशन एंड नॉलेज अवेयरनेस फोर लाइवलीहुड प्रमोशन (संकल्प)’ और ‘स्किल्स स्ट्रैन्थानिंग फॉर इंडस्ट्रियल वैल्यू एनहेंसमेंट (स्ट्राइव)’ को मंजूरी दी जिससे देश में कौशल भारत मिशन को बढ़ावा मिलेगा। संकल्प 4455 करोड़ रुपये की केन्द्र प्रायोजित परियोजना है जिसमें विश्व बैंक की 3300 करोड़ रुपये की सहायता शामिल है जबकि स्ट्राइव 2200 करोड़ रुपये की केन्द्रीय क्षेत्र की परियोजना है जिसमें परियोजना का आधा खर्च विश्व बैंक की सहायता के रूप में शामिल है। संकल्प और स्ट्राइव परिणामोन्मुख परियोजनाएं है जिसमें निवेश से व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में सरकार की कार्यान्वयन रणनीति में बदलाव आया है।
तक्षशिला (ट्रेनर एंड असेसर्स पोर्टल)- प्रशिक्षकों और आकलन करने वालो के लिए राष्ट्रीय पोर्टल कौशल भारत मिशन के अंतर्गत एनएसडीसी की एक पहल है। यह पोर्टल प्रशिक्षकों और आकलन करने वाले प्रशिक्षकों की जीवन-चक्र के प्रबंधन की दिशा में एक समर्पित मंच है और भारतीय कौशल इको-सिस्टम में गुणवत्ता वाले प्रशिक्षकों और आकलन करने वाले के विकास के संबंध में सूचना का केन्द्रीय भंडार है। इसमें राज्यों, क्षेत्रों में एसएससी द्वारा प्रशिक्षित प्रशिक्षकों और आकलन करने वालों की तलाश की विशेषता अन्तर्निहित है तथा योग्य और कुशल पेशेवरों के एक पूल तक पहुंच के लिए कार्य है।
जल संसाधन मंत्रालय के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षरः बताई गई परियोजनाओं के लिए कुशल श्रम शक्ति के विकास तथा उनके कार्यान्वयन तथा रख-रखाव के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय तथा जल संसाधन, नदी विकास और गंगा सफाई मंत्रालय के बीच 15 जुलाई, 2017 को एक सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
सीमा सुरक्षा बल और असम राइफल्स के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षरः राष्ट्रीय कौशल विकास कोष (एनएसडीएफ), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बीच 31 जुलाई, 2017 को एक सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य सेवारत, सेवानिवृत्त हो रहे और सेवानिवृत्त सीमा सुरक्षा बल के जवानों और उनके परिवारों को रोजगार प्रदान करना है ताकि बीएसएफ द्वारा संचालित बहु-कौशल विकास केन्द्रों में एनएसक्यूएफ आधारित कौशल प्रशिक्षण के लिए उनका सफल मेल सुनिश्चित हो सके। असम राइफल्स के साथ भी इसी तरह के एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
ऊर्जा गंगा गैस पाईपलाइन परियोजना के लिए समझौता ज्ञापनः ऊर्जा गंगा गैस पाईपलाइन परियोजना के लिए कुशल श्रम शक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी), गेल, कौशल विकास संस्थान (एसडीआई), भुवनेश्वर और लेबरनेट के बीच एक चतुष्पक्षीय समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य ऊर्जा गंगा गैस पाईपलाइन परियोजना से जुड़ी कौशल विकास गतिविधियों को बढ़ावा देना है ताकि परियोजना के कार्यान्वयन में गुणवत्ता और उत्पादकता का उच्च स्तर सुनिश्चित हो सके और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार प्रदान किया जा सके।
राष्ट्रीय उद्यमिता पुरस्कार 2017- भारत के युवाओं की उद्यमशीलता की भावना को पुर्नगठित करने और अधिक संख्या में युवा भारतीयों को उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एमएसडीई ने 9/11/2017 को दूसरे वर्ष में मंत्रालय के तीसरे स्थापना दिवस पर नई दिल्ली में दस युवा उद्यमियों (प्रति पुरस्कार 5 लाख रुपये नगद के पुरस्कार विजेता) और 2 पुरस्कार (सम्मान पथ विजेता @10 लाख प्रति पुरस्कार) संस्थानों/संगठनों तथा व्यक्तियों (परामर्शदाताओं) को 5-5 लाख रुपये के तीन पुरस्कार प्रदान किए।
उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले राज्यों और उद्यमों को मान्यताः प्रशिक्षुओं को शामिल करने के लिए उपलब्धि को मान्यता देते हुए, एक सर्वश्रेष्ठ राज्य, एक सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक क्षेत्र के केन्द्रीय उपक्रम (सीपीएसई), एक सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक क्षेत्र के राज्य उपक्रम (एसपीएसई), और एक सर्वश्रेष्ठ निजी प्रतिष्ठान को ‘परिवर्तन के चैम्पियन’ का पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार विजेता थे (i) हरियाणा सरकार (सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी) (ii) भारत हैवी इलेक्ट्रोनिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल)।
पीएमकेवीवाई के अंतर्गत खासतौर से जनजातीय आबादी पर केन्द्रित विशेष परियोजनाओं की 2017 में शुरूआत। इनमें से कुछ नीचे दी गई हैः
ब्रू परियोजनाः इस परियोजना का उद्देश्य मिजोरम की ब्रू जनजाति का कौशल विकास करना है, जो अपने जगह से विस्थापित होकर इस समय उत्तरी त्रिपुरा के जिलों में आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों के शिविरों में रह रहे है। परियोजना के अंतर्गत 556 उम्मीदवार लाभान्वित हुए है।
कटकारी प्राचीन जनजातिः परियोजना का उद्देश्य महाराष्ट्र में कटकारी जनजाति के 1020 उम्मीदवारों का कौशल विकास करना है।
ओडिशा में कौशलः परियोजना का उद्देश्य ओडिशा के 62 देसी समुदायों के 12000 उम्मीदवारों को हुनर प्रदान करना है, जिनमें 13 को प्राचीन जनजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
पीएमकेवीवाई के अंतर्गत दिल्ली पुलिस के साथ युवा परियोजनाः कौशल विकास मंत्रालय ने इस वर्ष परियोजना युवा की शुरूआत की, जो एनएसडीसी और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त पहल है। इसके अंतर्गत दिल्ली पुलिस 3000 वंचित युवकों और राजधानी के 8 पुलिस थानों को पहले चरण में परियोजना के साथ प्रशिक्षण सहयोगी के रूप में जुड़ेगी, ताकि वे अपनी कौशल क्षमता बढ़ा सके, जिसमें उन्हें नियोजन सहायता दी जाएगी। यह मिशन युवकों को अपराध और गलत कार्य करने से रोकने के साथ-साथ कानून और व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस के साथ भागीदार बनने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने, अपराधों के प्रबंधन और समुदाय से जुड़ने के उद्देश्य से हाथ में लिया गया। वर्तमान में 715 उम्मीदवारों की भर्ती की गई है जिनमें से 390 को प्रशिक्षण दिया गया है और 240 को बर्गर किंग, लेमन-ट्री प्रीमियम, सोडेक्सो इंडिया और होटल टोरस सरोवर पोर्टिको में नौकरी दी गई है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और अनुबंध मंच
जापान सरकार के साथ सहयोग ज्ञापनः कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) और जापान सरकार के बीच 17 अक्टूबर, 2017 को टोक्यो में टेक्नीकल इन्टर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (टीआईटीपी) पर सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओसी को 11 अक्टूबर, 2017 को हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई थी। टीआईटीपी पर एमओसी से भारत और जापान के बीच कौशल विकास के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। भारत तीसरा देश है जिसके साथ जापान ने तकनीकी इन्टर्न प्रशिक्षण कानून की जरूरतों के मुताबिक एमओसी पर हस्ताक्षर किए, जो नवंबर, 2017 से लागू हो गया है।
भारत और जापान के बीच एमओसी पर हस्ताक्षर
आबू धाबी में 44वीं विश्व कौशल अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताः आबू धाबी में 14 से 19 अक्टूबर, 2017 तक आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व 28 प्रतियोगियों की एक टीम ने किया, जिसमें 59 विश्व कौशल सदस्य देशों के 1300 से अधिक प्रतियोगियों ने 51 कौशल और व्यापार में मुकाबला किया। एमएसडीई की देखरेख में टीम इंडिया का नेतृत्व राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने किया। टीम इंडिया ने 26 कौशल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। टीम इंडिया के लिए यह वर्ष सबसे सफल वर्ष रहा, जिसने प्रतियोगिता में 1 रजत, 1 कांस्य और उत्कृष्टता के लिए 9 पदक जीते। भारत ने 2007 से इन प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया है तब से यह अब तक की सर्वश्रेष्ठ पदक तालिका है।
भारतीय विजेता टीम@विश्व कौशल 2017 आबू धाबी
बेलारूस के मंत्रालय के साथ साझेदारीः व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग के लिए एमएसडीई और बेलारूस के शिक्षा मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। ज्ञान और विशेषज्ञता के हस्तांतरण के साथ दोनों देश परामर्श सेवाओं का विस्तार करेंगे, ताकि योजना, प्रबंधन और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण और कौशल विकास वितरण को बढ़ावा जा सके।
भारत-अफ्रीका ज्ञान आदान-प्रदान मिशनः मंत्रालय ने विश्व बैंक के सहयोग से एक भारत-अफ्रीका ज्ञान आदान-प्रदान मिशन की नई दिल्ली में व्यवस्था की, जिसमें 5 अफ्रीकी देशों रवांडा, इथोपिया, नाइजीरिया, घाना और युगांडा से मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनके अलावा 12 तकनीकी सदस्य और पीएएसईटी (व्यावहारिक विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में कौशल के लिए साझेदारी), विश्व बैंक के 2 सदस्य भी शामिल हुए।