वाराणसी, 14 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़
(★) निवर्तमान कुलपति प्रो• जी• सी• त्रिपाठी ने वर्षो बंद पड़े परंपरा को आते ही कराया था शुरु
---हरेन्द्र शुक्ला। महामना पंडित मदनमोहन मालवीय द्वारा एक सौ एक वर्ष पूर्व स्थापित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के अवसर विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास की सचल झांकियों का प्रदर्शन किया जायेगा। ज्ञातव्य है कि वर्षों से बंद पड़ी स्थापना दिवस के अवसर पर तत्कालीन कुलपति प्रो• गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने वर्ष 2015 से पुन: शुरु कराया था।
बसंत पंचमी के दिन विश्वविद्यालय के सभी संस्थानों, संकायों एवं विभागों के साथ ही विभिन्न इकाईयों द्वारा कुल गौरवशाली इतिहास को सहेजती 28 झांकियां प्रदर्शित की जायेगी। जिसमें सभी संस्थानों, संकायों, विभागों के अलावा, महिला महाविद्यालय, सेन्ट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल, सर सुन्दरलाल हाॅस्पिटल, ट्राॅमा सेन्टर, उद्यान विभाग, विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद, केन्द्रीय ग्रन्थालय, एन•सी•सी•, एन•एस•एस• की ओर से झांकियां सजायी जायेंगी।
केन्द्रीय कार्यालय के समिति कक्ष संख्या एक में कार्यवाहक कुलपति डाॅ• नीरज त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संकाय अपने यहाॅं की उपलब्धियों को झांकी के माध्यम से प्रदर्शित करेंगें। सभी इकाई अपने-अपने झांकी के संचालन हेतु एक समन्वयक भी नियुक्त करेंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी इकाई अपनी-अपनी झांकी को एक थीम देकर इसे प्रदर्शित करेंगे। बैठक में सभी झांकियो के एक निश्चित स्थान पर कतारबद्ध होने तथा सभी झांकियों को एक नंबर देने का निर्णय हुआ। झांकियां अपने क्रम के अनुसार मालवीय भवन के मुख्यद्वार पर बने मुख्य मंच के सामने प्रदर्शित होगी। झांकियों का प्रदर्शन पूर्वाहन 9 बजे से किया जायेगा। झांकियों के प्रदर्शन के दौरान मालवीय भवन की दूसरी ओर की सड़क दर्शकों के लिये होगी। इस मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहेगा।
इस बैठक में सभी संस्थानों के निदेशक, सभी संकाय प्रमुख, मुख्य आरक्षाधिकारी प्रो• रोयना सिंह, वित्ताधिकारी, छात्र अधिष्ठाता आदि मौजूद रहे।