कोलकाता, 14 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
---प्रकाश पाण्डेय। राम आकाश हैं और सीता पृथ्वी, इन दोनों का मिलन ही रामलीला का मूल है और इसका जीवंत दर्शन कोलकाता महानगर के कांकुरगांछी स्थित विधान शिशु उद्यान में देखने को मिल रहा है। मंचन के छठे दिन बतौर मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद विवेक गुप्ता, सीए सुभाष अग्रवाल, सुशील चौधरी, महेन्द्र अलमाल, सुधीर सत्नालिवाला, राम गोपाल चौधरी, के•के• सिंघानिया, मनोहर अग्रवाल उपस्थित रहें। भारत संस्कृति मंच के तत्वावधान में आयोजित इस रामलीला में हर दिन लोगों की हुजूम बढ़ते ही जा रही है। रामलीला आयोजन के छठें दिन भी मंच पर नाट्य दृश्यांकन के जरिए कलाकारों ने अशोक वाटिका में सीता-रावण संवाद, बाली-वध, राम-सुग्रीव मिलन, लंका दहन को उम्दा तरीके से पेश किया जिसे देख भक्त दीर्घा भाव-विभोर हो उठा। मंचन के दौरान बदलते मार्मिक दृश्यों को देख तो एक पल के लिए लगा कि राम स्वयं इस मंच पर पधार गए हो। कलाकारों के नाट्य प्रस्तुति के साथ ही अवध की आंचलिक गीतों की रम रसता भी लोगों को खूब भा रही है। मुम्बई व हैदराबाद से आए कलाकारों की टीम द्वारा की जा रही अद्भूत मंचन अपने आप में सराहनीय है। रामलीला देखने आए लोगों का कहना था कि इन कलाकारों में लोगों को बांधे रखने की अभूतपूर्व क्षमता है।
मंडली के निर्देशक मानवेंद्र त्रिपाठी के अनुसार हमारी नित्य यही कोशिश होती है कि हम राम कथा को मंचन के जरिए जीवंत रूप में लोगों के सामने रखें। मंचन के दौरान कलाकारों की मेहनत लोगों के सामने होती है। आगे आपको और भी बेहतर चीजे परोसी जाएंगी। उन्होंने आगे बताया कि समापन यानि आखिरी दिन अयोध्या वापसी व राज्याभिषेक होगा। रामलीला कोर कमिटी के अध्यक्ष नवल जलान ने कहा कि रामलीला के सिवा दूसरा कोई ऐसा माध्यम है ही नहीं जो जोड़ने का काम कर सके और आज बिखराव जैसे हालात समाज और परिवार में बने हुए हैं। ऐसे में यह आयोजन अति आवश्यक था।
मंचन से पूर्व दोपहर के दौरान विशेष रूप से श्री सीताराम सत्संग समिति द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया जिसमें उमड़ी लोगों की भीड़ देखते बनी।