कोलकाता, 18 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
---रंजीत लुधियानवी। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विरोधी दल के नेता अब्दुल मन्नान का कहना है कि हजयात्रा के दौरान दी जाने वाली सबसिडी हटाने को लेकर केंद्र की ओर से लोगों को गुमराह किया जा रहा है। हज यात्रियों को वास्तव में किसी तरह की सबसिडी दी जाती है या नहीं, इसे लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हज यात्रा को महंगा करने के लिए ही एनडीए सरकार इस तरह का प्रचार कर रही है।
मालूम हो कि केंद्रीय अल्पसंख्यक विकास मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एलान किया था कि मक्का में हर साल हज यात्रा पर जाने वालों के लिए दी जाने वाली सबसिडी केंद्र सरकार ने समाप्त कर दी है। उनके एलान के बाद से ही सबसिडी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। मालूम हो कि हज पर जाने वालों को सस्ता हवाई टिकट मिले, इसलिए केंद्र सरकार ने सबसिडी चालू की थी। नकवी ने कहा था कि सबसिडी को अल्पसंख्यकों के विकास कार्य में खर्च किया जाएगा।
मन्नान ने कहा कि जब किसी तरह की सबसिडी दी ही नहीं जा रही थी, तब उसे हटाने के एलान का क्या औचित्य है ? उनका कहना है कि हज यात्रा में जाने के लिए आवेदन करने से लेकर हज करने तक करीब 40 दिन की यात्रा में ढाई लाख रुपये खर्च होते हैं। इस बीच, विमान संस्था की ओर से सामान्य तौर पर जो किराया लिया जाता है, वह बढ़ाया नहीं जाता। हज के दौरान हवाई टिकट की दर बढ़ाई नहीं जाती, इसलिए केंद्र एयर इंडिया को इसके लिए सबसिडी देती रही है। केंद्र ने यह नहीं बताया है कि उसे हटाया गया है या नहीं। भाजपा सरकार को यह बताना चाहिए कि हज यात्रियों को वह कहां, कितनी सबसिडी देती रही है।
मन्नान का कहना है कि आवेदन करने से लेकर हज यात्रा करने तक हज जाने वाले लोग जो रकम खर्च करते हैं, उससे सरकार का फायदा होता है। जबकि भाजपा की ओर से ऐसा प्रचार किया जा रहा है कि वह हज जाने वालों को सबसिडी देती रही है। अब सबसिडी हटाने के बहाने लोगों को गुमराह करके खर्च बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।