कोलकाता, 24 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
---रंजीत लुधियानवी। पश्चिम बंगाल में आठ रेलवे रूट बंद करने के लिए केंद्र सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ एसयूसीआई की ओर से बसीरहाट में रेल अवरोध किया गया। मालूम हो कि तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस की ओर से पहले ही इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया गया था। बुधवार सुबह आठ बजे से बसीरहाट स्टेशन के पास नाराज लोगों ने रेलगाड़ियां रोकीं। इसके कारण सियालदह की ओर जाने वाली सारी डाउन ट्रेनों को रुकना पड़ा। सूचना मिलने के बाद आरपीएफ कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और करीब 8.25 पर स्थिति स्वाभाविक हुई।
मालूम हो कि परसों कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया था। आठ रेलवे रूट बंद करने के प्रस्ताव का पत्र मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने टाकी में विरोध प्रदर्शन किया था। एसयूसीआइ की ओर से अवरोध में अजय बाइन, शुभाशीष दास, नृपेन मिस्त्री जैसे नेता शामिल हुए। आरोप है कि केंद्र बारासात और हसनाबाद को घाटे वाले रूट बता रहा है, लेकिन केंद्र का आरोप गलत है। प्रतिदिन ट्रेन में लोगों की भीड़ को देखते ही पता चल जाएगा कि केंद्र का दावा कितना हास्यास्पद है। उन्होंने रूट बंद करने के बजाए मांग करते हुए कहा कि लोगों की भीड़ को देखते हुए इस रूट में और ज्यादा ट्रेनें चलाए जाने की जरुरत है। बारासात-हसनाबाद रूट पर सब्जी विक्रेताओं से लेकर हजारों किसान निर्भर हैं। इतना ही नहीं, सुंदरवन के पर्यटन स्थल पर जाने वाले भी इस रास्ते से ही जाते हैं। उन्होंने एलान किया कि अगर रूट बंद करने का प्रस्ताव रद्द नहीं किया गया तब राजनीति से ऊपर उठते हुए संगठित तौर पर यहां व्यापक आंदोलन किया जाएगा।