वाराणसी, 26 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(■) प्रो• भागीरथ प्रसाद त्रिपाठी को पद्मश्री सम्मान
---हरेन्द्र शुक्ला। भारत सरकार की ओर से साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में प्रो• भागीरथ प्रसाद त्रिपाठी (वागीश शास्त्री) को वर्ष 2018 के "पद्मश्री" सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की है। पद्म सम्मान को अपने गुरुजनों और संस्कृत जगत को समर्पित करते हुये पं• वागीश शास्त्री ने कहा कि यह सम्मान साधना और संस्कृत का सम्मान है। विश्व में संस्कृत, पालि और प्राकृत भाषा की पाण्डुलिपियों का दुर्लभ रिक्त स्थान को भरा गया है।
उन्होनें भारत सरकार से गुजारिश की है कि लंदन की इंडिया आफिस लाईब्रेरी में संस्कृत पाण्डुलिपियों की अपार संपदा सुरक्षित है। सरकार को चाहिए कि वह अपनी अलभ्य संपदा को भारत में लाये और योग्य संपादकों से उनका उद्धार कराये। प्रो• त्रिपाठी वाराणसी के शिवाला (नियर चेत सिंह किला) के निवासी हैं। मध्यप्रदेश के सागर जनपद के बिलइया ग्राम में 24 जुलाई 1934 को जन्मे प्रो• त्रिपाठी वर्ष 1959 में वाराणसी के टीकमणी संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत प्राध्यापक के रुप में अपने अध्यापकीय जीवन शुरु की। इसके बाद सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में अनुसंधान संस्थान के निदेशक और प्रोफेसर के पद पर 1970 में नियुक्त होकर 1996 में सेवानिवृत्त हुये। प्रोफेसर त्रिपाठी को अब तक राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के दर्जनों पुरस्कार से पुरस्कृत किया जा चुका है।