कोलकाता, 30 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
---रंजीत लुधियानवी। आज सुबह नहर से छह और शव बरामद होने के बाद मुर्शिदाबाद जिले में कल हुए बस हादसे में मरने वालों की तादाद बढ़ कर 42 हो गई है। जिलाशासक पी• उलंगनाथन ने बताया कि सुबह सात बजे यात्रियों की तलाशी का काम शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि जब तक इस बात का यकीन नहीं हो जाता कि अब नहर में और शव नहीं हैं, तलाश जारी रहेगी। इस बीच, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर गहरा शोक जताया है।
मालूम हो कि सोमवार नदिया जिले से मालदा जा रही सरकारी बस जिला मुख्यालय बहरमपुर से 12 कि•मी• पहले ब्रिज की रेलिंग तोड़ कर नहर में गिर गई थी। बस में 56 यात्री सवार थे। आठ लोग तो किसी तरह तैर कर या तो खुद बाहर निकल आए थे या फिर स्थानीय लोगों ने उनको बचाया था। उनमें से एक महिला ने बाद में मुर्शिदाबाद मेडिकल कालेज अस्पताल में दम तोड़ दिया था। बाकी लोगों का वहीं इलाज चल रहा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि मृतकों में से ज्यादातर सरकारी कर्मचारी खास कर प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। उनमें राज्य प्रशासनिक सेवा का एक प्रोबेशनरी अधिकारी भी शामिल था जो अपनी ड्यूटी पर मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज जा रहा था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बचाव कार्यों की निगरानी के लिए कल शाम मौके का दौरा किया था। उन्होंने बाद में मेडिकल कालेज जाकर घायलों का हाल-चाल भी पूछा था। ममता रात को मुर्शिदाबाद में ही ठहरीं। राज्य सरकार ने इस हादसे में मरने वालों को पांच-पांच और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है।
जिलाशासक ने बताया कि बस यात्रियों की तादाद के बारे में कोई सही जानकारी नहीं है। लेकिन उसमें 50 यात्री हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 35 शवों की शिनाख्त हो चुकी है। कल एक घायल यात्री ने आरोप लगाया था कि बस का ड्राइवर मोबाइल पर बात कर रहा था। अचानक सामने से आ रहे एक ट्रक से सीधी टकराव बचाने के प्रयास पर उसने नियंत्रण खो दिया। उसके बाद बस रेलिंग तोड़ती हुई लगभग 70 फीट नीचे नहर में गिर गई थी। इस बारे में पूछने पर जिलाशासक ने कहा कि अब तक हादसे की वजह साफ नहीं हो सकी है। लेकिन सुबह घना कोहरा था और दृश्यता भी काफी कम थी। उन्होंने कहा कि पुलिस हादसे की वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
जिला प्रशासन के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हादसे की वजह का पता लगाने के लिए बस की फोरेंसिक जांच की जाएगी। विशेषज्ञ इस बात की जांच करेंगे कि कहीं बस के इंजन में कोई गड़बड़ी तो नहीं थी।