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---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 08 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●)> राज्यपाल और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने

तृणमूल कांग्रेस नेताओं की ओर से राज्यपाल के बारे में की गई टिप्पणियों पर आज उन्होंने जोरदार जवाब देते हुए आइने में चेहरा देखने की सलाह दी है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने गुरुवार को उन पर संविधान का उल्लंघन करने और राज्य सरकार की उपेक्षा करने का आरोप लगाने वाले तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के आइने में खुद का चेहरा देखने के लिए कहा। इसके साथ ही राज्यपाल ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस राज्यपाल के कार्यालय पर गंदगी फैलाना बंद करें।

तृणमूल कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बारे में पूछे जाने पर राज्यपाल ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें शौचालय जाकर आइने में अपना चेहरा देखना चाहिए और चेहरे से गंदगी को हटाना चाहिए। उन्हें राज्यपाल के कार्यालय पर गंदगी फेंकनी बंद करनी चाहिए।

मालूम हो कि तृणमूल कांग्रेस के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि राज्यपाल ने मालदा जिले के डिवीजनल कमिश्नर को पत्र लिख कर निर्देश दिया है कि कानून व्यवस्था और राज्य व केंद्र सरकार की विकास योजनाओं के बारे में राज्य के सीमावर्ती इलाके में बैठक बुलाई जाए।

इस दौरान उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्यपाल इकतरफा फैसला नहीं कर सकते हैं, उन्हें संविधान में प्रदत्त नियमों और विनियमों का पालन करना चाहिए।

इसी तरह, राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने विधानसभा में राज्यपाल की ओर से पत्र लिखे जाने का जोरदार विरोध करते हुए कहा था कि राज्यपाल ने संविधान में मिले पद की गरिमा को क्षति पहुंचाई है। विधानसभा में विशेष उल्लेख के दौरान उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने पद को कलंकित किया है। राज्यपाल ने पत्र लिख कर अपने पद की गरिमा को कलंकित किया है। यह संविधान के खिलाफ है। हम ऐसे कार्य की निंदा करते हैं। हम संविधान प्रमुख के तौर पर उनका सम्मान करते हैं, लेकिन हम ऐसे कामकाज किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं कर सकते।


(●)> मुख्यमंत्री के घर फर्जी आइडी के साथ घुसने की कोशिश में एक व्यक्ति गिरफ्तार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर में घुसने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, वह खुद को डाक्टर बता रहा था। पुलिस ने बताया कि उस व्यक्ति ने पूणे की एक हेल्थ केयर संस्था का कार्ड दिखाया जिसमें वह डाक्टर बताया गया था लेकिन वह पहचान पत्र फर्जी था।

पुलिस ने बताया कि वह व्यक्ति बुधवार मुख्यमंत्री से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के बारे में बातचीत करना चाहता था। जबकि मुख्यमंत्री उत्तर बंगाल के दौरे पर थी। पुलिस वालों को व्यक्ति पर शक हुआ और कालीघाट पुलिस स्टेशन ले जाकर पूछताछ की गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उस व्यक्ति से कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिससे पता चलता है कि उसका नाम एसके आयनल है और वह बांकुड़ा जिले का रहने वाला है। हालांकि पुलिस का कहना है कि वह यह बताने में नाकाम रहा है कि क्यों मुख्यमंत्री से मिलना चाहता था। पूछताछ के दौरान पुलिस अधिकारी उससे संतुष्ट नहीं हुए हैं, विस्तार से जानकारी हासिल करने के लिए पूछताछ कर रहे हैं। जिससे यह पता लगाया जा सके कि वह बांकुड़ा जिले से यहां क्यों आया था।


(●)> लोकल ट्रेन में छिनताई की कोशिश, यात्री को किया घायल

लोकल ट्रेन में लुट की कोशिश और लुटेरे के फरार होने की घटना के बाद एक बार फिर ट्रेन में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक लोकल ट्रेन में लुटेरे ने यात्री को लूटने की कोशिश की, जब यात्री की ओर से विरोध किया गया तब उसके साथ मारपीट की गई। यह घटना सियालदह दक्षिण शाखा में डायमंहार्बर लोकल ट्रेन के बीच हुई है।

आरोप है कि लुटेरे ने लोहे की रड से मार कर रेल यात्री को घायल कर दिया। घायल व्यक्ति की हालत गंभीर बताई गई है, उसे डायमंडहार्बर महकमा अस्पताल में भर्ती किया गया है। सूत्रों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि डायमंडहार्बर के माधवपुर का रहने वाला शांतनू गायन बीती रात आखरी ट्रेन से घर लौट रहा था। आरोप है कि ट्रेन गुरूदासनगर के बाद तकरीबन खाली हो गई थी। इस दौरान ट्रेन में बैठे लुटेरे ने शांतनू के गले से सोने की चेन और मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की। लेकिन यात्री की ओर से जब विरोध किया गया, उसके साथ मारपीट की गई। तब तक ट्रेन स्टेशन पर पहुंच गई थी और लुटेरा ट्रेन से उतर कर फरार हो गया। इस मामले की शिकायत डायमंडहार्बर जीआरपी में की गई है। इस घटना से रेल यात्रियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं।


(●)> मोदी केयर भी नोटबंदी की तरह लोगों के लिए धोखा -अमित मित्रा

राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा मानते हैं कि नोटबंदी की तरह ही केंद्र सरकार की ओर से घोषित किए गए मोदी केयर को भी जस्ट ब्लफ (महज धोखा) कहा जा सकता है। अचानक एलान करने के बाद केंद्र अब कह रहा है कि राज्य को भी परियोजना का हिस्सेदार बनना होगा। अगर ऐसा ही है तब उन्होंने राज्यों के साथ विचार-विमर्श क्यों नहीं किया ? उनका मानना है कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण जैसे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है, स्वास्थ्य बीमा योजना से भी ऐसा ही होगा क्योंकि बगैर राज्यों से विचार विमर्श किए, बगैर किसी परियोजना के इकतरफा घोषणा कर दी गई है।

मालूम हो कि राज्य के बजट भाषण का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए विधानसभा को बताया कि पश्चिम बंगाल में पहले ही स्वास्थ्य साथी नामक एक परियोजना चल रही है। इसमें दायरे में 60 लाख लोगों को पांच लाख रुपये का बीमा दिया जा रहा है। इस मद में राज्य सरकार की ओर से 1300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से देश के 50 करोड़ लोगों को बीमा योजना के दायरे में लाने के लिए महज 2000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वित्त मंत्री का कहना है कि हमारी स्वास्थ्य योजना में मुफ्त में दवाएं और डायग्नोस्टिक किया जाता है। केंद्र ने जब इकतरफा एलान किया है, तब खर्च का बोझ राज्य के सिर क्यों डाला जा रहा है ? हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि राज्य केंद्र की परियोजना में शामिल होगा या नहीं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि केंद्र की ओर से लिखित तौर पर कुछ नहीं मिला है, इसलिए परियोजना में शामिल होने या नहीं शामिल होने के बारे में किसी तरह का फैसला नहीं हुआ है। लेकिन राज्य में पहले से ही वैसी परियोजना चल रही है, जरुरत पड़ने पर इस बारे में केंद्र को सूचित किया जाएगा।

(●)> अब सरकारी अस्पतालों में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी

कलकत्ता मेडिकल कालेज अस्पताल में जल्द रोबोटिक सर्जरी शुरू होने वाली है। इस उन्नत सर्जरी के लिए अमेरिका से विशेष मशीन मंगवाई जा रही है। चेन्नई, बेंगलुरु और चंडीगढ़ के अस्पतालों में पहले ही रोबोटिक सर्जरी का आगाज हो चुका है। बंगाल में फिलहाल टाटा मेडिकल सेंटर व अपोलो अस्पताल में ही रोबोटिक सर्जरी होती है।

रोगी कल्याण समिति के चेयरमैन डा• निर्मल माझी ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रयास से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में परिवर्तन हो रहा है। रोबोटिक सर्जरी मशीन को पहले दो दिन कलकत्ता मेडिकल कालेज अस्पताल में रखा जाएगा। उसके बाद मशीन को नीलरतन सरकार अस्पताल और एसएसकेएम में रखा जाएगा। इस मशीन को आॅपरेट करने में सिर्फ दो लोगों की जरुरत पड़ेगी। इसकी बदौलत लगातार 18 से 19 घंटे तक आॅपरेशन किया जा सकेगा। आॅपरेशन में समय भी कम लगेगा। मशीन में चार हाथ लगे होंगे। तीन हाथ आपरेशन करेंगे और एक हाथ संपूर्ण प्रक्रिया को रिकार्ड करेगा।

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