---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 16 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) डीवाईएफआई के रेल रोको आंदोलनकारियों पर चली ट्रेन, तीन घायल, रेलवे ने किया खंडन
रेल रोको के दौरान ट्रेन चल पड़ी और तीन लोग घायल हो गए। नाराज लोगों ने सुपरीटेंडेंट को पकड़ कर मुचलका लिखवाया कि किस ट्रेन से हादसा हुआ। हालांकि वह चालक का नाम नहीं बता सका। अांदोलनकारी चालक का नाम पूछ रहे थे। बाद में पूर्व रेलवे की ओर से कहा गया कि रेल अवरोध समाप्त होने के बाद ही ट्रेन चलाई गई थी। यह हादसा एक व्यक्ति के रेलवे लाइन पार करने की कोशिश में हुआ।
डीवाईएफआई की ओर से शुक्रवार को रेल रोको आंदोलन के कारण पूर्व रेलवे की सियालदह शाखा में ट्रेन सेवा प्रभावित हुई। संगठन की ओर से रेलवे के निजीकरण, रेलवे में खाली पदों पर नियुक्ति, केंद्र सरकार की ओर से घाटे में चलने वाले रेलवे स्टेशन बंद करने की कोशिशों समेत विभिन्न मांगों को लेकर रेल अवरोध किया।
सूत्रों ने बताया कि आंदोलनकारियों ने दोपहर 12.50 बजे रेल अवरोध उठा लिया, लेकिन रेल सेवा सामान्य होने में काफी समय लग गया। इस दौरान विभिन्न स्टेशनों पर रेलगाड़ियां रुकी रहीं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूत्रों ने बताया कि रेल अवरोध के कारण दो जोड़ी ईएमयू लोकल ट्रेनें रद्द की गई जबकि 14 दूसरी ट्रेनें सियालदह साउथ सेक्शन में विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं। इतना ही नहीं, मेन सेक्शन में भी आठ ट्रेनें आंदोलन के कारण देरी से चलीं। सियालदह के साउथ सेक्शन में सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 12.50 बजे तक रेलगाड़ियां रोकी गई। इस दौरान ढाकुरिया, सोनारपुर, बालीगंज, यादवपुर स्टेशन पर रेलगाड़ियां रोकी गई। इसके साथ ही पूर्व रेलवे के सियालदह में मेन सेक्शन में 11.45 बजे से लेकर 12.10 बजे तक रेलगाड़ियां रोकी गई। आंदोलनकारियों की ओर से काचरापाड़ा, प्याराडांगा, धुबुलिया और बहरमपुर स्टेशन पर रेल अवरोध किया गया। आंदोलनकारियों ने सर्कुलर रेलवे में भी रेलगाड़ियां रोकी। सुबह 11.45 बजे से 12.10 बजे तक बीबीडी बाग स्टेशन पर रेल अवरोध किया गया।
डीवाईएफआई के राज्य सचिव सायनदीप मित्र ने आरोप लगाया है कि एक ट्रेन आंदोलनकारियों के अवरोध को तोड़ते हुए चल पड़ी, जिससे यादवपुर रेलवे स्टेशन पर तीन लोग जख्मी हो गए। हालांकि पूर्व रेलवे की ओर से ऐसे किसी आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि रेलवे लाइन पार करने की कोशिश में एक व्यक्ति जख्मी हुआ है। मालूम हो कि रेलवे की ओर से आठ रूट बंद किए जाने की कोशिश को लेकर भी आंदोलनकारियों ने नाराजगी प्रकट की है। हालांकि व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद रेलवे पहले ही रूट बंद करने के फैसले से पीछे हट गया है। पूर्व रेलवे की ओर से भी साफ किया गया है कि उन्होंने रूट बंद करने की सिफारिश नहीं की थी।
(●) आप छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल
कांग्रेस, वाममोर्चा और भाजपा से तो लोग तृणमूल कांग्रेस में जाते रहे हैं, लेकिन अब आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भी लोग तृणमूल में शामिल हो रहे हैं। तृणमूल कांग्रस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने आप नेता दीपक विश्वास को दल में शामिल करते हुए कहा कि उक्त दल के राज्य स्तरीय नेता ने राज्य के अध्यक्ष सुब्रत बख्सी के माध्यम से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हमारे दल में शामिल होने की इच्छा जताई थी। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें दल में शामिल कर लिया गया है।
मालूम हो कि कांग्रेस, वाममोर्चा और भाजपा के बाद आप के लोगों को दल में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करके तृणमूल कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि पश्चिम बंगाल में छोटे दलों को भी समाहित करने की कोशिश कीजा रही है।
दूसरी ओर, आप के एक नेता ने कहा कि विश्वास दल के कोई अधिकारी नहीं, एक समर्थक थे। अवकाश प्राप्त होने के कारण राज्य कार्यालय में प्रतिदिन आते थे और कामकाज करते थे।