...हरेन्द्र शुक्ला ( वाराणसी, 17 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(★) 21 फरवरी को होगी प्राण प्रतिष्ठा
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान आर्युवेद संकाय के रस शास्त्र विभाग के निवर्तमान अध्यक्ष प्रो आनंद चौधरी का प्रयास अब सार्थक हो गया है। प्रो चौधरी ने महामना के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुये उनके वृति से उपार्जित भिक्षादान से रसशास्त्र विभाग के नवनिर्मित भवन परिसर में औषधियों के जनक "रसेश्वर महादेव मंदिर" का निर्माण कराया है। इस मंदिर में श्री शिव स्वरुप रसेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा 21 फरवरी को होगा। मंदिर में भगवान शिव, मां पार्वती, कार्तिकेय और गणेश जी की प्रतिमा के साथ ही महामना जी की प्रतिमा स्थापित किया गया है। श्री रसेश्वर महादेव की स्थापना महामंडलेश्वर 1008 स्वामी प्रणव चैतन्यपुरी द्वारा संपन्न होगा।
ज्ञातव्य है कि महामना पं मदनमोहन मालवीय जी ने शिक्षा के साथ ही समाज के लोगों को स्वस्थ रखने के लिए आर्युवेद चिकित्सा की स्थापना 1922 से 1932 के बीच बीएचयू में की थी। महामना अपनी दैनिक दिनचर्या के तहत आर्यवेदिक फार्मेसी का निरिक्षण भी करते थे। आर्यवेदिक औषधियों के निर्माण प्रक्रिया के तहत भस्मों के पाक के क्रम में अघोरेश्वर शिव की आराधना के लिए 1950-60 में प्रो दत्तात्रेय अनंत कुलकर्णी ने पुराने आर्युवेदिक फार्मेसी विभाग में रस शास्त्रीय प्रक्रियाओं के लिए शिव आराधना के लिए मंदिर का निर्माण कराया था।