हावडा, 24 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
उत्तर हावड़ा के डवसन रोड स्थित पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के सभागार में आयोजित धर्म सभा में क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने कहा कि काम से पैदा होना काम के लिए जीना काम के लिए मर जाना वासना है। काम से पैदा होना राम के लिए जीना राम के लिए मर जाना साधना हैं, काम से जन्म देना राम बना देना कामपुरूषार्थ हैं।
मुनि श्री ने आगे कहा कि आज धर्म के नाम पर मरने वालों की नहीं बल्कि धर्म को जीने वालों की जरूरत है, धर्म जिंदा लोगों को चहता हैं मुर्दों को नहीं। आज धर्म और मजहब के नाम पर लड़ाने लगे हैं धर्म के ठेकेदार। मुनि श्री ने आगे कहा देश को खतरा गद्दारों से नहीं पहरेदारों से है, धर्म को खतरा नास्तिकों से नहीं धर्म के ठेकेदारो हैं जो धर्म की आड़ में राजनीति करते हैं। राजनीति में धर्म होना चहिए मगर धर्म में राजनीति नहीं होना चहिए जो धर्म में राजनीति करे वह धर्म द्रोही हैं।
मुनि श्री ने आपनी धारा प्रवह वाणी को जारी रखते हुए कहा कि भगवान की जरूरत आकाश में नहीं भक्तो के दिल में हैं ताकि लोगों में आचरण और विश्वास पैदा हो सके।
बता दें कि मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज 25 फरवरी रविवार को प्रातः 9 बजे विराट धर्म सभा को सम्बोधित करेंगे जिसमें मुख्य अथिति होंगे पश्चिम बंगाल सरकार में खेल राज्य मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला। कार्यक्रम का प्रारंभ पुज्य मुनि श्री के गुरुदेव आचार्य श्री पुष्प दन्तसागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीपप्रज्वन के साथ होगा तथा साम 5:30 बजे स्कूल कालेज में परिक्षा दे रहे या देने वाले हैं उन सभी विधर्थियो को विशेष मंत्रों के द्धारा मंत्रित कलम मुनि श्री प्रधान करेगे।