चार चीजें कभी नहीं भरती - समुद्र, श्मशान, लोभी व्यक्ति का मन, यमराज का पेट



हावड़ा, 26 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

उत्तर हावड़ा के डवसन रोड स्थित पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के सभागार में आयोजित धर्म सभा में क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने कहा कि दुनिया में बड़े पाप हो रहे हैं। वह पाप भूखे पेट का आदमी नहीं कर रहा हैं, खाली पेट के आदमी को तो केवल पेट भरने जितना चाहिए। मगर भरे पेट का आदमी पेटी भरने के लिए अधिक पाप करता है। आदमी को सुखी जीवन जीने के लिए इतना चहिए कि उस के यहाँ कोई अथिति (संत) आ जाये तो वह भी भुखा ना जाए और परिवार की जरूरते पूर्ण हो जाये।

मुनि श्री ने आगे कहा कि जिस घर में अथिति के स्वगत में कोई चुक नहीं होती ऐसे घर में आप को जाने का सौभाग्य मिले तो चुके नहीं, ऐसे घर की देहरी का स्पर्श यानि मंदिर की चौखट का स्पर्श कर लिया है। अगर जिस घर में अतिथियों का सम्मान ना किया जाता हो वहां अगर आप के चरण पड़ जाऐ तो अपने घर में बाद में घुसना पहले वाहर खड़े होकर नहा लेना क्योंकि वह घर श्मशान के समान हैं। मुनि श्री ने आगे कहा कि चार चीजें कभी नहीं भरती - समुद्र, श्मशान, लोभी व्यक्ति का मन, यमराज का पेट।

मुनि श्री ने आगे कहा कि लक्ष्मी की पूजा तो करो मगर विश्वास मत करो, भगवान की पूजा भी करो और भरोसा भी।

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