हर धर्म ने तीन शब्दों पर जोर दिया है : मुनि श्री प्रतीक सागर



हावड़ा, 01 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

उत्तर हावड़ा के डवसन रोड स्थित पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के सभागार में 28 फरवरी को आयोजित धर्म सभा में क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने कहा कि पेड़, पशु और मनुष्य में क्या अन्तर हैं - पेड़ के पास जीवन हैं गति और दिशा नहीं, पशु के पास जीवन हैं गति है मगर दिशा नहीं, मनुष्य के पास जीवन हैं गति है दिशा भी है मगर आदमी फिर भी भटक रहा है क्यो ? वह स्वयं को देखकर नहीं दूसरों को देख कर भाग रहा है, उस से पूछो क्यों भाग रहे हो - जबाव मिलेगा वह भाग रहा हैं इसलिए मैं भी भाग रहा हूँ। क्या यही जिंदगी जीने का तरीका हैं ?

मुनि श्री ने आगे कहा की भारत की हर माँ यदि महात्मा गाँधी जैसे पुत्र को जन्म दे तो एक नहीं सौ भारत आजाद हो सकते हैं अगर भारत की हर माँ त्रिशला की तरह महावीर को जन्म दे तो हजारों महाविनाशों का इस भारत देश से अन्त हो सकता हैं।मुनि श्री ने आगे कहा की हर धर्म ने तीन शब्दों पर जोर दिया हैं - जैन धर्म ने अहिंसा, आपरिग्रह और अनेकांतवाद - बौद्ध धर्म में शील, समाधि और करूणा - इस्लाम धर्म में ईमान, इंसानियत और मजहबी आस्था - ईसाई धर्म में प्रेम, प्रर्थना और सेवा -सिख धर्म में पवित्र विचार, पवित्र वाणी और पवित्र कर्म।

मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में 2 मार्च को प्रातः 6 बजे से 10 बजे तक भक्ति पूर्ण वातावरण में 108 इन्द्र इन्द्रणीयों द्धार सर्व मनमोहन पूर्ण कर्ता सर्व कष्टहर्ता श्री भक्ताबर महामण्डल विधान एवं तिलक होली महोत्सव के विशेष प्रवचन का आयोजन होगा।

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