---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 02 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
हावड़ा जिले के आमता के मुक्तिरचक में सामूहिक बलात्कार मामले का एक अभियुक्त कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश का उल्लंघन करके गांव में घुस कर पीड़ित महिलाओं को धमकी देने पहुंच गया। हालांकि गांव वालों ने उसे पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया और पुलिस ने एक बार फिर उसे गिरफ्तार कर लिया।
मालूम हो कि चार फरवरी 2014 की रात गांव में लोडशेडिंग करने के बाद आरोप है कि गांव की दो महिलाओं के साथ 10 लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था। चार दिन के भीतर पुलिस ने सभी 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था और 90 दिन के भीतर चार्जशीट भी पेश कर दी थी। मामले की सुनवाई करीब दो साल बाद 2016 के बीच जाकर शुरू हुई। कुल मिलाकर 42 लोगों की गवाही होनी है। लेकिन कई कारणों से गवाही लेने का मामला लंबा होता जा रहा है। अभियुक्तों में बरुण माखाल, शंकर माखाल समेत 10 लोगों को अदालत में जमानत पर रिहा इस शर्त पर किया कि कोई भी अभियुक्त आमता थाना इलाके में नहीं जा सकेगा।
आरोप है कि पहले भी एक पीड़ित महिला को धमकाने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद अदालत के निर्देश पर उनके घर के सामने अस्थायी पुलिस चौकी बैठाई गई। आरोप है कि मंगलवार की रात शंकर ग्यारह बजे गांव में पहुंचा और महिलाओं को गालियां देते हुए मामला वापस लेने की धमकियां देने लगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। एक महिला के पति ने गांव वालों और सिविक वालंटियरों को बुलाया। पति का कहना है कि एक तो मामला धीमी गति से चल रहा है, दूसरे अभियुक्त जब-तब गांव में घुस कर धमकियां दे रहे हैं। ऐसे में हम आतंकित हैं।
हालांकि जिला पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि अदालत के निर्देश पर दोनों महिलाओं की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस उनके साथ है, उन्हें चिंतित होने की जरुरत नहीं है।