---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 02 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
राशन में दिए जाने वाले चावल की गुणवत्ता को लेकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से शिकायतें आ रही थी कि चावल घटिया है। इसके बाद मौजूदा स्टाक के चावल की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। पुराने चावल के बजाए इस साल खरीदे जाने वाले चावल को राशन में दिया जाएगा।
गौरतलब है कि हाल में नदिया जिले में राशन में दिए जाने वाले चावल की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस तरह की शिकायतें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक भी पहुंची। इसके बाद खाद्य विभाग की ओर से जिलों की राशन दुकानों में गेहूं और चावल की जांच शुरू की गई। बताया जाता है कि अभी तक 50 से ज्यादा राशन डीलर व वितरक को कारण बताओ नोटिस व निलंबित किए जाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के मुताबिक बुधवार को राशन डीलरों और वितरकों को लेकर महाजाति सदन में सभा में साफ तौर पर बता दिया गया है कि महज कारण बताओ नोटिस और निलंबन से ही रिहाई नहीं मिलेगी। अभियुक्तों को भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है, जिससे राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी। खाद्य विभाग के पास फिलहाल करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन चावल मौजूद है, लेकिन शिकायतें मिलने के बाद उसकी आपूर्ति में रोक लगा दी गई है। चावल की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई के बारे में सोचा जाएगा।