हावड़ा, 07 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
उत्तर हावड़ा के डवसन रोड स्थित पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के सभागार में आयोजित धर्म सभा में क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने कहा कि जिस घर में नारी का अनादर होता हैं उस घर से लक्ष्मी नारज हो कर चली जाती हैं मगर जहां नारी का सम्मान होता है वहाँ देवता निवास करते हैं।
नारी दो कुल को रोशन करती हैं - एक पिता के कुल को दूसरा पति के घर को, नारी जब शादी कर के पति के घर जाती हैं तो लक्ष्मी का रूप, जब बच्चों को पढ़ाती हैं तब सरस्वती का रूप, जब समाज परिवार में बुराई बढ़ने लगती हैं उन को मिटाने के लिए दुर्गा का रूप धारण कर लेती है।
मुनि श्री ने कहा कि हर घर में एक कन्या जरूर होना चहिए। कन्या के आगमन से घर शुभ होता हैं।मुनि श्री ने माता पिता का आह्वान किया कि जिस घर में एक भी लड़की ना हो उस घर में अपनी लड़की का विवाह ना करें क्योंकि उस पिता का दिल नहीं होता हैं। तीर्थंकर और अवतारो को भी दुनिया में जन्म लेने के लिए माँ की गोद का सहारा लेना पड़ता हैं। नारी अबला नहीं सबला हैं, नारी समाज, देश व कुल की आधारशिला है। शरीर में जो महत्व नाड़ी का है वहीं सामाज और परिवार में नारी का है। नाड़ी धड़कन बन्ध कर दे तो आदमी मर जाता हैं और अगर नारी चरित्र से पतित हो जाए तो परिवार और समाज का सौभाग्य खत्म हो जाता हैं।