नई दिल्ली, 19 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● पूर्वोत्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डोनर मंत्रालय के तत्वावधान में चार एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, अगले तीन वर्षों के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या दोगुनी करना मुख्य लक्ष्य
● विकास के लिए सामुदायिक संसाधन एवं उपयुक्त स्थानीय संसाधन आधारित प्रौद्योगिकी के समुचित उपयोग के लिए एक और एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए
केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ• जितेन्द्र सिंह और डोनर मंत्रालय, एनईसी एवं विभिन्न अन्य संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) के तत्वावधान में चार सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
उपर्युक्त समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद डॉ• जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत में समग्र समावेशी विकास के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास विशेष अहमियत रखता है और पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य एवं सांस्कृतिक धरोहर को ध्यान में रखते हुए पर्यटन क्षेत्र का विकास हमारे फोकस क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि एयरबीएनबी के साथ हुए ये एमओयू पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवास स्थान के और ज्यादा टिकाऊ विकल्प सृजित कर तथा आतिथ्य सेवा मानकों को बढ़ाकर इस क्षेत्र में अगले तीन वर्षों के दौरान यात्रियों की संख्या दोगुनी करने के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) और पूर्वोत्तर पर्यटन विकास परिषद (एनईटीडीसी) की ओर से उपर्युक्त एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इनका वास्ता आजीविका से जुड़ी दो महत्वपूर्ण पहलों यथा पूर्वोत्तर ग्रामीण आजीविका परियोजना (एनईआरएलपी) और पूर्वोत्तर क्षेत्र सामुदायिक संसाधन प्रबंधन परियोजना (एनईआरसीओआरएमपी) से है। एमओयू का उद्देश्य भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित समस्त महत्वपूर्ण स्थानों पर आतिथ्य से जुड़े सूक्ष्म उद्यमियों को बढ़ावा देना है। विश्व की अग्रणी समुदाय-संचालित आतिथ्य कंपनियों में से एक एयरबीएनबी की ओर से एयरबीएनबी एशिया पेसिफिक के क्षेत्रीय निदेशक कुम हांग सीयू ने उपर्युक्त एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
● एमओयू के तहत एनईसी, एनईटीडीसी और एयरबीएनबी ने निम्नलिखित बिन्दुओं पर सहमति जताई है :
• एयरबीएनबी के वैश्विक प्लेटफॉर्म के जरिए भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन का विस्तार करना।
• भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवस्थित विभिन्न निवास स्थानों पर उपलब्ध सुविधाओं और विशिष्ट संपत्तियों की गुणवत्ता बढ़ाना।
• भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में उल्लेखनीय पर्यटन संसाधनों को मुहैया कराने के साथ-साथ प्रोत्साहित करना।
• भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में घरों को साझा करने से जुड़े नियामकीय माहौल को बेहतर करने के लिए आपस में सहयोग करना।