* कब्जेदारों के उदर से निकलेगा तालाब!!
* गॉव के दबंगो से कौन मुक्त कराएगा ग्राम सभा की जमीन और तालाब?
संजय पाठक, वाराणसीः- जनपद में भू माफियाओं की सूची जारी होने के तीन दिन बाद ही योगी सरकार ने तालाब और कुंडों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। वाराणसी में तेजी से गिरते भूजल स्तर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से वाराणसी विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने संयुक्त अभियान छेड़ दिया है। इन सभी शोर शराबों के बीच शहरी सीमा से दूर ग्रामीण अंचलों में ग्रामसभा की जमीन तालाब और धार्मिक स्थलों पर कब्जों की कवायद बदस्तूर जारी है। प्रशासनिक स्तर पर शिथिलता के चलते दिर्घकालिक और उबाउ प्रक्रिया को कर पाना किसी आम आदमी के वश की बात नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक नगर में कुल 136 तालाब व कुंड है जिनमें लगभग चार दर्जन तालाब या कुंडों पर लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। ये भी बताया जाता है कि कुछ तालाबों पर कब्जा कर मकान बना लिया गया है। नगर निगम में दाखिल खारिज कराकर मकान का नंबर तथा पीला कार्ड भी जारी करा लिया गया था। हालाकि पूर्व नगर आयुक्त के कार्यकाल में धोखाधड़ी से पीला कार्ड हथियाने वाले करीब दो दर्जन मकानों का कार्ड रद् किये जाने की कार्रवाइ की गयी थी।
जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पचासों साल से ग्राम सभा की जमीनो पर अवैध कब्जेदार कुंडली मारे बैठे है, इसके अलावा बताया जाता है कि एक भी गॉव ऐसा नहीं है जहॉ तालाब व ग्राम सभा की जमीनों पर कब्जेदारी का मामला न हो। यदाकदा इनके खिलाफ अधिकारियों को लिखित सूचनाएं भी दी जाती रहीें मगर परिणाम वही ढाक के तीन पात वाला ही होता है। समय रहते ग्रामीण क्षेत्रों के इस कब्जेदारी अभियान पर अगर अंकुश नहीं लगा तो इनकी कब्जेदारी वोट की राजनीति में बदल जाएगी।