अमित शाह के नाम पर टकराव की राजनीति पर ममता का मास्टर स्ट्रोक, भाजपा नेता हैरान



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 25 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

रामनवमी के मौके पर 10 साल पहले से जहां सशस्त्र रैलियां निकाली जाती रही हैं, उन जगहों में रैलियों की मंजूरी देते हुए दूसरी जगह सशस्त्र रैलियां करने पर रोक लगाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बंगाल में टकराव की राजनीति की धार भोथरी करने में सफलता हासिल की। इस प्रयास में आगे बढ़ते हुए भाजपा के अखिल भारतीय अध्यक्ष अमित शाह की कोलकाता में सभा के लिए नेताजी इंडोर स्टेडियम का व्यवहार करने की मंजूरी देने का फैसला किया है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर क्रीड़ा विभाग ने भगवा शिविर को स्टेडियम के व्यवहार की मंजूरी के बारे में हरी झंडी दी है।

हालांकि सूत्रों का कहना है कि क्रीड़ा विभाग की ओर से अंतिम मंजूरी के लिए पुलिस, दमकल और कोलकाता नगर निगम की मंजूरी और स्टेडियम के व्यवहार के लिए किराए के तौर पर तीन लाख 42 हजार रुपए जमा करवाने के लिए विभाग की ओर से पत्र भेजा गया है।

सूत्रों ने बताया कि भगवा शिविर की ओर से 19 मार्च को स्टेडियम के बारे में पत्र लिखा गया था। लेकिन इसके दो दिन बाद ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने आरोप लगाते हुए कहा था कि राजनीतिक बदले की कार्रवाई के तहत उन्हें हाल नहीं दिया जा रहा है। पत्रकारों को उन्होंने बताया था कि स्टेडियम नहीं दिए जाने का यह कारण बताया गया है कि उस दिन क्रीड़ा विभाग का कोई कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, इस लिए हमें स्टेडियम नहीं दिया जा रहा है।

मालूम हो कि आरोप लगाने तक सीमित नहीं रहते हुए भाजपा की ओर से हावड़ा के रेल मैदान को शाह की सभा के लिए चुनने का एलान भी किया जा चुका है। इसके साथ ही राज्य सरकार के खिलाफ भेदभाव और बदले की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए टकराव की राजनीति गर्म करने की कोशिश की जा रही है।

सूत्रों ने कहा कि माहौल को खराब करने की कोशिशों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सौहार्द की राजनीति की मिसाल पेश करते हुए आरोप लगाने वालों का पर्दाफाश कर दिया है। इंडोर स्टेडियम की देखभाल क्रीड़ा विभाग करता है और विभाग का कहना है कि नेताजी इंडोर स्टेडियम के व्यवहार की मंजूरी दी गई है। नियमानुसार, स्टेडियम की मंजूरी देने के साथ ही एडवांस में किराया लिया जाता है। भाजपा अब वह रकम जमा करने के बाद स्टेडियम का व्यवहार कर सकती है। क्रीड़ा विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि नौ अप्रैल को क्रीड़ा विभाग का कोई कार्यक्रम नेताजी इंडोर स्टेडियम में होने वाला है, इसका सबूत अगर किसी के पास है तो उसे दिखाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर झूठा दुष्प्रचार बंद किया जाना चाहिए। भाजपा पर झूठ बोल कर राज्य में टकराव की राजनीति का आरोप लगाते हुए सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने 19 मार्च को क्रीड़ा विभाग को पत्र लिख कर नेताजी इंडोर स्टेडियम में सभा करने के लिए मंजूरी मांगी थी। जिसके जवाब में 23 मार्च को विभाग ने पत्र भेज कर बता दिया था कि स्टेडियम लेने के लिए क्या-क्या शर्ते हैं और कितना किराया देना होगा।

पत्रकारों की ओर से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष से जब इस बारे पूछा गया तो उनका कहना था कि एक कार्यक्रम के सिलसिले में कोलकाता से बाहर हूं, लेकिन अगर मंजूरी दी गई है तब उसका स्वागत करता हूं।

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