---हरिओम पाण्डेय, सिंगरौली, 2 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइट न्यूज़।
◆ धूमधाम से मना ‘वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह – 2017’ का परितोषिक वितरण समारोह
प्रदर्शनी में हुआ एनसीएल के तकनीकी कौशल का प्रदर्शन
उचित कार्य संस्कृति और व्यवहार का पालन करना खान सुरक्षा सुनिशिचित करने में सबसे अहम हैं। यह कहना है भारत सरकार के खान सुरक्षा महानिदेशालय के महानिदेशक पी॰ के॰ सरकार का। श्री सरकार रविवार को नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में ‘वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह – 2017’ के पारितोषिक वितरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन खान सुरक्षा निदेशालय, वाराणसी क्षेत्र के तत्वावधान में एनसीएल, सासन पावर लिमिटेड एवं जे पी वेंचर्स लिमिटेड द्वारा एनसीएल के दुधीचुआ क्षेत्र के सेक्टर ‘बी एंड सी’ स्टेडियम में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पी॰ के॰ सिन्हा ने की। कार्यक्रम में उपमहानिदेशक, खान सुरक्षा महानिदेशालय उत्तरीय अंचल, गाजियाबाद एम॰सत्यमूर्ति, निदेशक (खान सुरक्षा) खान सुरक्षा महानिदेशालय, वाराणसी यू॰ पी॰सिंह, डीजीएमएस के उप महानिदेशक (इलेक्ट्रिकल) एम॰सहाय, एनसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) गुणाधर पाण्डेय, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) पी॰ एम॰ प्रसाद, एनसीएल के निदेशक (वित्त) पी॰एस॰आर॰ के॰शास्त्री, एनसीएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) वी॰ के॰अग्रवाल, दुधीचुआ क्षेत्र के महाप्रबंधक एम॰ के॰ प्रसाद बतौर विशिष्ट अतिथि सपत्नीक उपस्थित थे। साथ ही, एनसीएल जेसीसी सदस्य मुन्नीलाल यादव एवं अशोक दूबे और सासन पावर लिमिटेड के सीईओ ए॰ के॰ सिंह भी बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि पी॰ के॰ सरकार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में डीजीएमएस एक नियामक की बजाय एक परामर्शदाता की तरह कार्य करेगा। इसके लिए डीजीएमएस सभी खदानों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार उनका अपना ‘सेफ़्टी मैनेजमेंट प्लान’ बनाकर उन्हें शत-प्रतिशत लागू करने हेतु प्रेरित कर रहा है। देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने हेतु दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे कोयला उत्पादन एवं प्रेषण के मद्देनजर उभर रही विभिन्न खान सुरक्षा चुनौतियों का जिक्र करते हुए श्री सरकार ने कहा कि डीजीएमएस सभी पक्षों के साथ मिलकर इन सभी चुनौतियों से पार पाने हेतु निरंतर प्रयास कर ‘शून्य दुर्घटना’ के लक्ष्य की प्राप्ति की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में एनसीएल के सीएमडी श्री सिन्हा ने कहा कि कंपनी साल दर साल अपने कोयला उत्पादन एवं प्रेषण लक्ष्यों को प्राप्त कर कोयला उत्पादन एवं प्रेषण के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और अब कंपनी जल्द ही ‘शून्य दुर्घटना’ लक्ष्य की प्राप्ति भी करेगी। साथ ही, उन्होंने ‘खान सुरक्षा सप्ताह’ के दौरान दिए गए सुझावों पर शत प्रतिशत अमल करने का आश्वासन भी दिया।
निदेशक (तकनीकी/संचालन) गुणाधर पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि एनसीएल हर साल उत्पादन लक्ष्यों के साथ सुरक्षा लक्ष्य भी निर्धारित करती है और उन्हें प्राप्त करने के लिए नवीनतम तकनीक अपनाने सहित सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) पी॰एम॰प्रसाद ने नए ‘सेफ़्टी मैनेजमेंट प्लान’ का शत प्रतिशत पालन करने का आश्वासन देते हुए कहा कि ‘शून्य दुर्घटना’ लक्ष्य की प्राप्ति कंपनी के लिए सर्वोपरि है।
एनसीएल जेसीसी सदस्य मुन्नीलाल यादव और अशोक दूबे ने खान सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एनसीएल प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी कामगारों से सुरक्षा नियमों का पूर्णतः पालन करने का आह्वान किया।
इससे पहले शाम 5 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत आदिवासी लोकनृत्य के माध्यम से किया गया। इसके बाद ध्वाजारोहण किया गया और सुरक्षा शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात दिवंगत श्रमिकों को खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण द्वारा श्रद्धांजलि दी गई।
एनसीएल के तकनीकी कौशल का प्रदर्शन
कार्यक्रम में एनसीएल के विभिन्न कोयला क्षेत्रों द्वारा सुरक्षा संबंधी तकनीकों एवं प्रणालियों और एनसीएल खदानों में प्रयोग की जाने वाली विभिन्न भारी मशीनों (एचईएमएम) को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अतिथियों द्वारा निरीक्षण किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी क्षेत्रों द्वारा सुरक्षा संबंधी झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस कार्यक्रम के माध्यम से एनसीएल ने नवीनतम तकनीक आधारित अपनी व्यापक तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ़) ने फायर शो कर आग बुझाने की मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया।
छऊ लोकनृत्य ने बंधा समा
कार्यक्रम में बंगाल, झारखंड एवं ओडिशा के ‘छऊ’ लोकनृत्य की प्रस्तुति ने विशेष समा बांधते हुए उपस्थित सभी दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। साथ ही, डीएवी दुधीचुआ और डीपीएस निगाही के छात्र-छात्राओं द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का विशेष केंद्र रहीं।
एनसीएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) वी॰ के॰ अग्रवाल ने कंपनी का वार्षिक सुरक्षा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। साथ ही, कार्यक्रम में सुरक्षा स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
दुधीचुआ क्षेत्र के महाप्रबंधक एम॰के॰ प्रसाद ने कार्यक्रम में उपस्थित अभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि क्षेत्र के परियोजना अधिकारी बी॰एन॰ सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में एनसीएल मुख्यालय के विभागों के विभागाध्यक्ष, सभी क्षेत्रों के महाप्रबंधक गण, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी गण उपस्थित थे। साथ ही, सासन पावर लिमिटेड एवं जे॰ पी॰ वेंचर्स लिमिटेड से आए अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में दर्शक भी उपस्थित थे।
एनसीएल के खान सुरक्षा विभाग की टीम ने महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) वी॰ के॰ अग्रवाल के नेतृत्व में एनसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में 15 से 22 जनवरी, 2018 के बीच ‘वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह – 2017’ का आयोजन किया। इस दौरान सुरक्षा (सेफ्टी) से संबंधित जागरूकता पैदा किए जाने के लिहाज से कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
वित्त वर्ष का आगाज ‘सुरक्षा संकल्प’ के साथ
इससे पहले रविवार सुबह एनसीएल में नए वित्त वर्ष (2018-19) की शुरुआत ‘सुरक्षा संकल्प’ लेने के साथ हुई। कंपनी के आला-अधिकारियों ने डीजीएमएस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में खान सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता देने के संकल्प को दोहराया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारत सरकार के खान सुरक्षा महानिदेशक पी.के.सरकार ने खान सुरक्षा के सर्वश्रेष्ठ मानदंडों का पालन कर देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में एनसीएल के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने कहा कि कामगारों की सुरक्षा सर्वोपरि है और कामगारों का सुरक्षित काम करना ही देश के आर्थिक विकास की आधारशिला है।
बैठक में एनसीएल के सीएमडी पी॰ के॰ सिन्हा एवं निदेशक मंडल, डीजीएमएस के आला अधिकारी और एनसीएल के सभी कोयला क्षेत्रों एवं एनसीएल मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षों ने शिरकत की।