---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 02 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
मुहल्ले में अर्से से मंदिर और मजार एक दूसरे के करीब है। गत बुधवार की रात हंगामे के दौरान दंगाइयों ने मजार को तोड़ दिया था। मंदिर की अछि परिषद की ओर से क्षतिग्रस्त मजार का पुनर्निमाण किया जा रहा है। मंदिर कमेटी ही यह फैसला कर रही है कि मजार में कहां और कैसी ईंट, टाइल्स लगानी है। यह कहानी आसनसोल के रेलपाड़ा इलाके की है।
मालूम हो कि आसनसोल के रेलपाड़ा इलाके से ही हंगामे की शुरुआत हुई थी। रेलपाड़ा के डिपोपाड़ा में अल्पसंख्यक समुदाय के कई मकान मौजूद हैं। इसी मुहल्ले में दक्षिणाकाली का मंदिर भी मौजूद है। जिसके करीब मजार है। यहां कासिम खान का गैराज और मोहम्मद इस्माइल की साइकिल की मरम्मत करने की दुकान भी करीब है।
सूत्रों ने बताया कि बुधवार की रात मजार के साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय की दो दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई थी। कासिम और दूसरे लोग अछि परिषद के मलय मजूमदार के घर पहुंचे और मुहल्ले में हुए नुकसान के बारे में बुधवार की रात ही बताया। कमेटी ने तय किया कि मंदिर के पैसों से ही मजार का पुनर्निमाण किया जाएगा।
इसके बाद शनिवार की रात से मजार के पुनर्निमाण का काम शुरू हो गया। दुकान बनाने से लेकर मरम्मत करने का सामान खरीद कर देना, मजार का पुनर्निमाण करना सारे काम परिषद के पैसों से किए जा रहे हैं। इस बारे में मजूमदार का कहना है कि करीब 20 साल से उन लोगों की दुकानें यहां हैं और हम लोग हमेशा एक दूसरे के दुख-तकलीफ में साथ रहते हैं। हालांकि इलाके के लोगों को दुख सिर्फ एक बात का है कि रात एक बजे तक दोनों समुदाय के लोग पहरा दे रहे थे, इसके बाद भी हिंसा को रोका नहीं जा सका।
दूसरी ओर, रानीगंज के रामबगान इलाके के लोग अपने इलाके में होने वाली तबाही को बचाने में सफल रहे हैं। यहां सोमवार की रात से समाज सेवक ज्योति सिंह, दुकानदार मोहम्मद परवेज, राजेश मिलजुल कर पहरा दे रहे हैं। इनका कहना है कि हम लोगों ने शपथ ली है कि दंगाईयों के मंसूबे सफल नहीं होने देंगे।