संगीत साधकों ने साधना से साधा श्रीसंकटमोचन दरबार



---हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी, 04 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● सोनू निगम, अनूप जलोटा, सोनलमान सिंह नृत्य, मालिनी की चैती, ठुमरी, दादरा और भैरवी से श्रीहनुमत का श्रृंगार

● चित्रकला प्रदर्शनी में काशी शत् विभूति के बाद अब कूंची के सिपाही होगें तैयार

देश में सांस्कृतिक क्रांति का प्रतीक श्रीसंकटमोचन संगीत समारोह का आगाज बुधवार को हुआ। संकटमोचन मंदिर परिसर में आयोजित छ: दिवसीय संगीत समारोह 4 से 9 अप्रैल तक प्रतिदिन सायं 7:30 बजे से ब्रह्मबेला तक अनवरत रागों का हार लेकर श्रीहनुमत का गायन, वादन और नर्तन से श्रृंगार करता है।

संकटमोचन संगीत समारोह की पहली निशा का आगाज ओडिसी नृत्य से हुआ। प्रख्यात ओडिसी नृत्यांगना पद्मश्री डा• सोनलमान सिह की शिव का विषपान पर भाव नृत्य ने दर्शकों को विभोर करने में कामयाब रहा वहीं वालीवुड के पार्श्व गायक सोनू निगम की स्वरलहरियों ने श्रीहनुमत दरबार में मत्था टेका। दिल्ली से आये पं• धीरेंद्र तिवारी की कथक ने दर्शकों को जहां रिझाया वहीं बनारस घराने के स्मृतिशेष पं• महादेव मिश्र के पुत्र पं• गणेश प्रसाद मिश्र की बनारस घराने की गायकी ने खूब रंग जमाया। इसी क्रम में बैगलूरु के डा• एल• सुब्रमण्यम की वायलिन, मुम्बई के पं• रतन मोहन शर्मा का गायन, पं• अनूप जलोटा की भजन की भोग के साथ पं• रोनू मजूमदार की बांसुरी की तान ने हनुमत दरबार में वृंदावन का एहसास कराने में कामयाब रही।

संकटमोचन संगीत समारोह की प्रथम निशा की आखिरी प्रस्तुति लोककोकिला मालिनी अवस्थी की रही। उन्होंने ठुमरी, चैती, दादरा और राग भैरवी से श्रीहनुमत का श्रृंगार कर भावविभोर कर दिया। संगीत समारोह में देश- विदेश से आये कलाकारों की महंत प्रो• विश्वम्भरनाथ के निर्देश पर न्यूरोलाजिस्ट प्रो• विजयनाथ मिश्र के संयोजन में लगी चित्र प्रदर्शनी जहां लोगों को बरबस अपनी ओर खींच रही है वहीं गुरुवार को संगीत समारोह की दुसरी निशा से आनंद वन ग्रूप के कलाकार श्री संकटमोचन संगीत समारोह चित्रकला प्रदर्शनी में कूँची के सिपाही कला श्रृंखला की चित्रकारी शुरू करेंगे। इसमें प्रो• सुनील कुशवाहा, प्रो• सुनील विश्वकर्मा, डॉक्टर बच्चा बाबू, प्रो• वेद प्रकाश मिश्रा, डॉक्टर शारदा सिन्हा, पंकज वर्मा, पंकज कुमार, पूर्णिमा राय अपनी कला का जलवा बिखेरेगे।

इस श्रृंखला में देश के उन महान चित्रकला कलाकारों का चित्र उकेरा जायेगा जिन्होंने पूरे उम्र भर देश में चित्रकला को संरक्षित करने में अपना जीवन लगा दिया। समारोह के अगले तीन रातों में, सौ से ज़्यादे पेंटिंग बनाई जाएँगी। इसके पूर्व अतिथि कलाकारों, संगीत साधकों और श्रद्धालुओं का स्वागत संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र ने किया।

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