जरूरी नहीं कि सड़क, बिजली व पानी जिस गाँव तक पहुँच गई हो वह गाँव विकसित हो या जो जाए। ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार एक भव्य विशाल वृक्ष दिखता तो विशाल हो परन्तु उसकी जड़े कमजोर हो। आव न ताव कभी भी ढह जाए। वर्तमान बंगाल सरकार के राज्य में यह तो सुनिश्चित हैं कि हर ज़िले के अधिकांश गाँवों तक सड़क उपलब्ध है व कार्य जोरो से जारी हो। अस्पताल भी उपलब्ध हो। यह सभी उपलब्ध होने के बावजूद भी ना उपलब्ध हो। कुछ अटपटा ज़रूर है परन्तु सत्य है। मुख्यमंत्री कार्यालय नवान से मात्र 40 किलोमीटर की दूरी पर गाँव में बिजली की हालत बिहार व उत्तरप्रदेश राज्यों के बड़े शहरों की तुलना में बहुत ज्यादा बेहतर है, इस में कोई संदेह नहीं। सड़क गाँव को छूती हुई दूसरे ठिकानों पर चलती ही जाती है, अस्पताल की इमारत भी साक्षात खड़ी दिखती है। फिर भी ना जाने क्यों सब कुछ होने पर भी सभी गतिहीन लगती हैं। एक कार्यक्रम में हावड़ा ज़िला अंतर्गत ग्राम कावगाछी (कोटाबाड़ी) जाना हुआ, वहाँ के निवासियों से बातचीत से बहुत कुछ जानने को मिला। जिस गाँव के युवा विकास को प्राथमिकता देते हो व निजी क्षमता के बल पर गति देने को सदा तत्पर हो तो फिर निश्चित ही हर सुख सुविधाओं से परिपूर्ण होना ही है उस गाँव को। ज्ञात हो माध्यमिक विद्यालय तो पास ही है परन्तु उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को 10 किलोमीटर की दूरी उन रास्तों पर तय करनी होती हैं जहां सड़क तो है परन्तु बस की सुविधा नहीं है। पहले हावड़ा से पानपुर के लिए रूट संख्या 63 की दक्षिण बंग राज्य बस के साथ साथ निजी बस भी चलती थी परन्तु अब नहीं। मुंशीर हाट से आमता की 18 किलोमीटर की दूरी पर यह यातायात प्रतिबन्ध क्यों। शहरों में तो सैकड़ों बस इतनी दूरी के लिए उपलब्ध हैं तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों पर सरकार मौन क्यों हैं, कम से कम 2 या 4 क्यों नहीं उपलब्ध कराती। सरकार द्वारा खेल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है तो फिर मठ क्यों नहीं है। सड़क सुरक्षा व कानून व्यवस्था पर शहरों में प्रायः पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है और तो और लगभग 2 किलोमीटर की दूरी के तहत थाने भी उपलब्ध हैं तो फिर ग्रामीण अंचलों के थानों की दूरी ज्यादा होने पर भी हर 5 किलोमीटर पर पुलिस फाड़ी क्यों नहीं हैं। क्या किसी घटना दुर्घटना पर घण्टों बाद पहुँचने की प्रथा को ही प्राथमिकता देना अनिवार्य हो गया है। और देखिये स्वास्थ्य केन्द्र भी उपलब्ध हैं परन्तु बन्द पड़ा है। फिए चिकित्सक पर क्या बहस करना। फिलहाल तो किये गये\ विकास कार्यों के पूरक मूल सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना है तभी विकास को गति व प्रगति हासिल होगी।
गत 08 जनवरी 2017 को ग्राम कावगाछी पोस्ट पोलगोसथिया थाना जगतबल्लभपुर स्थित संस्था कावगाछी आमरा साबाई समाजकल्याण समिति द्वारा चिकित्सा शिविर, कम्बल वितरण व बेडमिंटन प्रतियोगिता आयोजित किया गया। ज्ञात हो संस्था द्वारा लगातार पिछले आठ वर्षों से इसका आयोजन किया जा रहा है व इस वर्ष 9वे वर्षगाठ के तहत आयोजित किया गया। बतौर मुख्य अतिथि विधायक व डेप्युटी स्पीकर बंगाल विधान सभा हैदर अज़ीज़ सफवी, विधायक गुलशन मल्लिक, जगतबल्लभपुर पंचायत समिति के पूर्व अध्यक्ष शेख इब्राहिम, हावड़ा कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार राहुल पाण्डेय व अन्य अतिथियों का सम्मान संस्था द्वारा मोमेंटों, गुलदस्ता व दुपट्टा भेट कर किया गया। अपने वक्तव्यों में हैदर अज़ीज़ सफवी ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए हर सम्भव मदत के लिए आश्वासन भी दिया। वही नोटबंदी का विरोध करते हुए उसे विकास में बाधा बताया व कहा कि इसी कारण विकास के कार्यों में दी जाने वाली कोष में रुकावट आ गयी है। वही विधायक गुलशन मल्लिक ने इलाके के लोगों को इस सामाजिक कार्य में सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि संस्था आज अपने बल पर कार्य करती आ रही हैं। हमारी नेत्री ममता बनर्जी द्वारा क्लबों को सहायता राशि प्रदान की जा रही है जिससे समाज को ज्यादा से ज्यादा सेवा प्रदान किया जा सके। जनप्रिय शेख इब्राहिम ने कहा कि संस्था द्वारा यह सामाजिक आयोजन इस क्षेत्र में एक मिसाल है तथा आशा करता हूँ कि आगे भव्य पैमाने पर आयोजन हो जिससे पूरे क्षेत्र को लाभ हो। वरिष्ठ पत्रकार राहुल पाण्डेय ने अपने वक्तव्यों में संस्था का आभार व्यक्त करते हुए इस प्रकार के सामाजिक कार्यों के गुणों से अवगत कराया। अध्यक्ष तपन घोस की अगुवाई में डा० बी सी राय मेडिकल बैंक द्वारा लगभग 450 लोगों को दवाए दी गयी। होप हास्पिटल द्वारा लगभग 250 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया, अनेकों को आवश्यकता अनुसार चसमा वितरण किया गया व मोतिबिन्द पाये जाने पर निशुल्क ऑपरेशन की तिथि से भी अवगत कराया गया। वही सैकड़ों जरूरतमंदों में अतिथियों से कम्बल वितरण कराया गया। माध्यमिक परीक्षा में प्रथम, दूतीय व तृतीय आये विद्यार्थियो को भी पुरस्कृत किया गया। संध्या बेडमिंटन टूर्नामेंट के विजयता व रनर अप टीम को राशि व ट्रॉफी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। संस्था के सचिव शेख अजीजुल इस्लाम, अध्यक्ष शेख आलमगीर, उपाध्यक्ष मेराजुल, सह सचिव शेख सरिफुल, कोषाध्यक्ष शेख अनरुल, राशिद बेग, अजगर मल्लिक, फिरोज मल्लिक, रमजान अली बेग, शेख बादशाह, शेख खोखन सहित अनेकों सदस्य कार्यक्रम दौरान सक्रिय व तत्पर दिखें।