संतोष यादव,सुलतानपुर। जिले के नगर पालिका परिसर में कई वर्षों से बंद पड़े परमवीरचक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद अस्पताल को बंद किए जाने और किसी कारण बस उसकी नीलामी किए जाने से नाराज लोगो ने पुन: संचालित कराने के लिए लोग आज धरने पर बैठ गए और अब धरना शुरू भी कर दिया गया है। खास बात यह है कि सपा, कांग्रेस और भाकियू के एक गुट ने भी इस धरने को समर्थन दिया है जबकि सभासद और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पहले से ही मोर्चा खोल रखा हैं।
दरअसल मामला सुल्तानपुर जनपद के नगर पालिका से जुड़ा हुआ है। बीते 11 अगस्त को शहीद वीर अब्दुल हमीद अस्पताल को चालू कराने के लिए पालिका के कुछ सभासदों ने धरना शुरू किया था। लेकिन उनकी मांगों पर नगर पालिका प्रशासन के कानो में जूं तक नहीं रेंगी। इसके एक दिन बाद इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी भी धरने पर उतरी पड़ी, लेकिन वहाँ सभासदों और आप कार्यकर्ताओं के धरने का मंच अलग-अलग था। 17 अगस्त को आप कार्यकर्ताओं व सभासदों ने मिलकर शहीद वीर अब्दुल हमीद चिकित्सालय बचाओ मंच का गठन किया। जिसमें सपा, कांग्रेस और भाकियू के पदाधिकारियों का भी समर्थन है। आज वही धरने पर बैठे पूर्व सपा विधायक अनूप संडा ने नगर पालिका द्वारा यह अस्पताल चलाया जा रहा था जो कि 1965 में भारत -पाकिस्तान युद्ध में शहीद की यादगार में चलाया जाता था, लेकिन वही पिछले कुछ दिनों से नगर पालिका द्वारा प्रयास किया जा रहा है और निर्णय किया गया कि इस चिकित्सालय को बंद कर दिया जाय | और इसका किसी अन्य प्रतिष्ठान का प्रयोग किया जाय | इस लिए लोग यहाँ आज धरने पर बैठे है | इनकी मांगे है कि जिस तरह यह अस्पताल पहले चलता था उसी तरह इसे चलाया जाय, यदि नगर पालिका किसी कारण से अपने आप को अक्षम मानती है तो नगर पालिका को सुल्तानपुर जनता से क्षमा मांगनी चाहिए | और उसके बाद इस स्थान को अगर अस्पताल नहीं चला सकते तो उसे एक रैन बसेरे के रूप में परिवर्तित किया जाना चाहिए | लेकिन शहीद वीर अब्दुल की यादगार को जीबित रखा जाना चाहिए | वही संडा ने यह भी कहा कि नगर पालिका को प्रयाप्त सन-साधन मिलता है और ऐसे कार्यों को तो अतिरिक्त प्रयाश करके रखना चाहिए,अगर यह चिकित्सालय बंद हो रहा है तो निश्चित तौर पर उनकी असफलता है और इसके पीछे कही न कही कोई साज़िश भी हो सकती है इसलिए एक शहीद की याद को मिटाने की कोशिश की जा रही है | इस मौके पर पूर्व विधायकों में अनूप संडा, सफदर रजा, समाजसेवी सुधीर तिवारी, रमेश सिंह, रवींद्र तिवारी, ज्ञानप्रकाश यादव, इंद्रमणि मिश्र, राम सिंह यादव, वैभव मिश्र, जयंत यादव, प्रमोद सिंह, मकसूद अंसारी, सुरेश चंद्र, शोहरत अली,आदि मौजूद रहे।