मुनि श्री प्रतीकसागर जी महाराज का 20वां दीक्षा जयंती महोत्सव



हावड़ा, 24 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीकसागर जी महाराज का 20वां दीक्षा जयंती महोत्सव उत्तर हावड़ा के डबसन रोड स्थित पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के सभागार में उत्साहपूर्वक मनाया गया। प्रात: से ही महिलाएं व पुरुष सफेद एवं केशरिया परिधान में झुमते नाचते हुए नजर आ रहे थे। इस अवसर पर क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नर से नारयण, कंकड़ से तीर्थंकर बनने की यात्रा पर निकलने का नाम हैं दीक्षा। ना रही संसार के प्रति कोई इच्छा उस का नाम हैं दिक्षा। मोह के अन्धकार का नष्ट हो जाना मोक्ष मार्ग में लग जाने का नाम है दीक्षा। मुनि श्री ने आगे कहा कि भरत की पहचान एकता और अखण्डता से है, आपसी बैर भाव का त्याग कर प्रेम और भाईचारे के साथ जिए। आज विवाद रहित समाज की स्थापना हो, प्रेम और बलिदान की हर दिल में भावना होना चहिए।

मुनि श्री का दीक्षा जयंती महोत्सव उत्साह के साथ विविध धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हुए मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज को संयम का उपकरण पिच्छी संजय सुनीता गंगवाल परिवार द्वारा भेट की गई एवं कोलकाता के सम्पूर्ण महिला सामाज द्धारा संगीतमय भव्य पूजन की गई। 20 परिवारों द्धारा पादप्रक्षालन शास्त्र भेंट किया गया।

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