वाराणसी, 27 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान के गेस्ट्रोइन्ट्रोलाॅजी विभाग द्वारा 27-29 तक आयोजित सोसायटी आॅफ गेस्ट्रोइन्स्टेस्टाइनल इण्डोस्कोपी आॅफ इण्डिया की 18वीं वार्षिक संगोष्ठी का आज अपराह्न होटल गेटवे ताज के दरबार में शुभारम्भ हुआ। उद्घाटन सत्र के आरम्भ में आयोजन समिति के चेयर मैन डाॅ• ए• के• जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया।
चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो• वी• के• शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि गेस्ट्रोइन्ट्रोलाॅजी के क्षेत्र में हुए अनुसंधान के चलते आज बड़े से बड़े रोगों का उपचार आपरेशन (सर्जरी) के बजाय बिना चीरा लगाए इण्डोस्कोपी विधि से किया जा सकता है। इस अवसर पर सोसायटी आॅफ गेस्ट्रोइन्स्टेस्टाइनल इण्डोस्कोपी आॅफ इण्डिया के प्रेसीडेन्ट डाॅ• एस• पी• मिश्रा तथा सोसायटी के मानित सचिव डाॅ• विपुल राठौढ़ ने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डाॅ• डी• एन• रेड्डी ने अपने विचार व्यक्त किये। सम्मेलन के आयोजन सचिव प्रो• वी• के• दीक्षित ने सभी को स्मृति चिह्न भेंट किया। गेस्ट्रोइन्ट्रोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो• एस• के• शुक्ला, डाॅ• देवेश कुमार यादव तथा डाॅ• विनोद कुमार यादव ने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर तीन दिनों तक देश विदेश से आये सैकड़ों विशेषज्ञ इण्डोस्कोपी के माध्यम से बिना चीरा लगाएॅ उदर सम्बन्धी रोगों के उपचार को आधुनिकतम प्रौद्योगिकी पर विचार मंथन कर रहे हैं।