कोलकाता, 25 अगस्त। यूनाइटेड डाक्टरस आफ बंगाल के निजी व निजी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों द्वारा 26 अगस्त को बाहरी रोगी विभाग (ओपीडी) सेवा बंद रखने का निर्णय किया गया है। ज्ञात हो यह निर्णय अपने आत्म सम्मान पर हो रहे प्रहार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दूसरी ओर पुलिस व प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही न होना भी एक कारण है। डाक्टर आए दिन हो रहे बदसुलूकी और विभस्य के खिलाफ अपनी आवाज प्रशासन के कानों तक गरज के साथ पहुँचाना चाहते है।
• यूनाइटेड डाक्टरस आफ बंगाल कहता है कि डाक्टरों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों के खिलाफ अनिच्छा से हिंसा की एक श्रृंखला की पृष्ठभूमि में और विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में हिंसा और जबरन वसूली के मामलों के बारे में पुलिस और प्रशासन की पूरी निष्क्रियता का विरोध करते हुए और सीएमआरआई के हमारे सहयोगियों के साथ पूर्ण एकता में सर्वसम्मति से हमने एक पूर्ण संघर्ष कार्य के लिए निर्णय लिया है और सभी गैर को निलंबित कर दिया है।
• आपातकालीन गतिविधि- इमरजेंसी सर्विसेज और भर्ती कराए जाने वाले मरीजों की देखभाल पूरी तरह हद तक ली जाएगी।