ममता अब नाट्यकार बनीं, लिखा जयतू पथनाटिका



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 08 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही चित्रकार, कवि और लेखक के तौर पर प्रसिद्ध हैं। ममता ने कई विधाओं में 70 किताबें लिखी हैं, जिसमें बाल साहित्य, अात्मकथा, कविता, शेरो शायरी, लेख, रचनाओं की किताबें शामिल हैं। पंचायत चुनाव से पहले उनकी सृजनाशीलता का एक और नमूना सामने आया है, जब उन्होंने नाटक लिख डाला है। राज्य के मंत्री और नाट्यकार ब्रात्या बसु की ओर से 20 जिलों में इसका मंचन किया जा रहा है। पथनाटिका का नाम जयतू रखा गया है।

प्राथमिक तौर पर तय किया गया है कि 20 जिलों में विभिन्न नाट्यदल इसे पेश करेंगे। सात मई से जिलों में नाटक की सीडी भेजने का काम शुरू हो गया है। सीडी के मुताबिक जिलों में नाटक मंडलियां इसकी पेशकश करेंगी।

मालूम हो कि राज्य में किसी जमाने में वाममोर्चा की ओर से चुनाव के दौरान पथ नाटिकाओं का आयोजन किया जाता रहा है। उत्पल दत्त जैसे अभिनेता वैसे नाटकों में अभिनय करते रहे हैं। इन दिनों भी वामपंथी दल नाटकों का आयोजन करते हैं। लेकिन किसी राज्य के मुख्यमंत्री ने नाटक लिखा हो, इसकी मिसाल नहीं मिलती।

ब्रात्या बसु ने कहा कि मुख्यमंत्री के विकास कार्यों को लेकर 15 मिनट के नाटक की रचना की गई है। इसमें गरीब लोगों के लिए बीते सालों के दौरान क्या किया गया है, उसका वर्णन किया गया है। इसमें दो रुपए किलो की दर से चावल, गेहूं, कन्याश्री, रूपश्री, अस्पताल में फेयर प्राइस शाप, लोक कलाकारों का मासिक भत्ता, विकलांगों के लिए मानविक परियोजना, नए-नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, किसान मंडी के साथ ही ममता के शासनकाल में शुरू हुए उत्सव, समारोह का जिक्र है। इसमें टेली अकादमी अवार्ड, जिलों में नाट्यमेलों का आयोजन, बांग्ला संगीत मेला शामिल है।

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