खबरें विशेष : भारतीय रेल



18 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●) भारतीय रेलवे ने जल संरक्षण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए विशेष रूप से डिजाइन किए गए जलवाहकों को तेजस एक्‍सप्रेस के बेसिन-नलों में लगाया

किसी ट्रेन के चलने के दौरान रास्‍ते में यात्रियों द्वारा खपत के लिए जल का संरक्षण सुनिश्चित करना न केवल रेलगाडि़यों की आवाजाही के दौरान जल संबंधी शिकायतों से निपटने का एक कारगर तरीका है, बल्कि यह बहुमूल्‍य जल संसाधन के संरक्षण की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम भी है। भारतीय रेलवे के भूसावल डिवीजन ने जल संरक्षण की दिशा में महत्‍वपूर्ण कदम उठाते हुए विशेष रूप से डिजाइन किए गए जलवाहकों (एयरेटर) को तेजस एक्‍सप्रेस (ट्रेन संख्‍या 22119/22120) के बेसिन-नलों में लगाया है। ये जलवाहक अपने बारीक छिद्रों के जरिए अंदर आने वाली जलधारा को पतली उप-जलधाराओं में विभाजित कर देते हैं। अत: जहां एक ओर इन नलों से बाहर निकलने वाली जलधारा स्‍वच्‍छता सुनिश्चित करने की दृष्टि से समुचित उपयोग के लिए पर्याप्‍त होती है, वहीं दूसरी ओर ये जलवाहक अतिरिक्‍त जल प्रवाह में कमी सुनिश्चित करके जल की बर्बादी को रोकने में समर्थ साबित होते हैं।

इन जलवाहकों को एकबारगी उपाय के रूप में इन बेसिन-नलों में लगाया जाना है। इन जलवाहकों को तेजस एक्‍सप्रेस (22119/22120) में उपलब्‍ध मौजूदा नलों में लगाया गया है। एक खास बात यह भी है कि इसके लिए उपलब्‍ध नलों में कोई भी बदलाव या प्रतिस्‍थापन करने की आवश्‍यकता नहीं पड़ती है। इस पहल से प्रत्‍येक नल के जरिए होने वाली जल खपत में एक चौथाई की कमी सुनिश्चित होती है, अत: यह जल संरक्षण की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है।


(●) पूर्वोत्तर को पश्चिमी तट से जोड़ने वाली पार्सल कार्गो एक्सप्रेस ट्रेन(पीसीईटी) का परिचालन शुरु Top of Form

● पार्सल कार्गो ट्रेन से किसान मुबंई, बेंगलूरु, नागपुर और पुणे के खुदरा बाजारों में चाय, सुपारी, पाइनएप्पल, जूट, बागवानी उत्पाद तथा बेंत के फर्नीचर आदि जैसे अपने उत्पादों की मार्केटिंग में सक्षम होंगे पार्सल कार्गो एक्सप्रेस ट्रेन रेलवे के संसाधनों पर बिना कोई अतिरिक्त दबाव बनाए व्यवसाय के एक सक्षम माध्यम के रूप में उभरी है एक अकेली ऐसी ट्रेन 52 ट्रकों के बराबर सामान ढ़ो सकती

पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने तथा इस क्षेत्र के स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाने की केंद्र सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को पश्चिमी तट से जोड़ने वाली पार्सल कार्गो ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया है। यह ट्रेन एक महीने में दो बार चलेगी। इसे 6 वर्ष के अनुबंध पर रेलवे से पट्टे पर लिया गया है।

यह ट्रेन असम के न्यू गुवाहाटी से महाराष्ट्र के कल्याण के बीच चलेगी। बीच रास्ते में यह न्यू जलपाईगुड़ी और कलुमना गुड्स शेड में रूकेगी। इस ट्रेन के जरिये किसान चाय, सुपारी, अनानास, जूट, बागवानी उत्पाद और बेंत के फर्नीचर जैसे अपने उत्पादों की मुम्बई, बैंगलुरू, नागपुर और पुणे आदि जगहों के खुदरा बाजारों में मार्केटिंग कर सकेंगे।

इस पहल से न सिर्फ पूर्वोत्तर क्षेत्र के स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि अकुशल श्रमिकों सहित स्थानीय युवाओं को रोजगार के टिकाउ अवसर भी प्राप्त होंगे।

पार्सल कार्गो ट्रेन रेलवे के संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बनाए बिना व्यवसाय का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। 6 वर्षों के अनुबंध पर पट्टे पर ली गई यह ट्रेन रेलवे के लिए खासा राजस्व भी अर्जित करेगी।

इस ट्रेन के माध्यम से प्रति इकाई सामान ढुलाई की लागत सड़क मार्ग से भेजे जाने वाले खर्चे की तुलना में काफी कम होगी। माल ढुलाई का खर्च कम होने से ट्रांसपोर्टरों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी इसका फायदा मिलेगा। एक अकेली ऐसी ट्रेन 52 ट्रकों के बराबर सामान ढ़ो सकती है। इससे कार्बन का उत्सजर्न कम होगा जो हरित भारत के निर्माण में योगदान करेगा और साथ ही ईंधन के आयात के मामले में विदेशी मुद्रा की बचत सुनिश्चित करेगा।

कई अन्य क्षेत्रीय रेलवे ने भी राउंड ट्रिप के लिए पार्सल कार्गो ट्रेन पट्टे पर दिए जाने की पहल की है।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News