---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 22 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य माकपा की सचिव मंडल में नहीं रहेंगे, उनके वैकल्पिक नेताओं की तलाश की जा रही है। बुधवार और गुरुवार दो दिन राज्य कमेटी की बैठक होने वाली है। बताया जाता है कि बैठक में पंचायत चुनाव के बारे में चर्चा के साथ ही नई सचिव मंडल का भी गठन किया जाएगा। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या बुद्धदेव कमेटी में शामिल रहेंगे या नहीं ?
मालूम हो कि पूर्व मुख्यमंत्री की शारीरिक हालत ठीक नहीं है। इसलिए राज्य कमेटी में रहने से भी उन्होंने इंकार कर दिया था। स्वास्थ्य के कारण घर से उनका निकलना लगभग बंद ही है। इसके साथ ही आंखों की समस्या भी है। बताया जाता है कि राज्य स्तर के नेताओं की ओर से निवेदन किया गया था कि सलाहकार के तौर पर ही दल को सलाह दिया करें। लेकिन सूत्रों का कहना है कि दफ्तर जाने में असमर्थता के कारण उन्होंने इससे भी इंकार कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि राज्य कमेटी की ओर से कोलकाता केंद्र के आसपास के नेताओं के बजाए जिलों के नेताओं को सचिव मंडल में शामिल किए जाने की जोड़तोड़ शुरू कर दी गई है। मालूम हो कि माकपा की 17 सदस्यीय सचिव मंडल से इस बार बुद्धदेव के अलावा श्यामल चक्रवर्ती, मदन घोष, दीपक सरकार के भी शामिल रहने की उम्मीद नहीं है। शारीरिक कारणों से भले ही गौतम देव केंद्रीय कमेटी में नहीं हैं, लेकिन माना जा रहा है कि सचिव मंडल में रहेंगे। नए चेहरों के लिए जिला स्तर पर लोगों की तलाश की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि माकपा की ओर से नए चेहरों की तलाश के साथ ही माकपा कार्यकर्ताओं की ओर से हाल के पंचायत चुनाव में जिस तरह भाजपा का समर्थन किया गया और भाजपा उम्मीदवारों के साथ चुनाव प्रचार करने से लेकर मतदान की खबरें मिली हैं, उससे चिंता जाहिर की जा रही है। माकपा की ओर से देश से भाजपा भगाओ और राज्य से तृणमूल भगाओ का नारा दिया गया था, लेकिन एक नेता के मुताबिक अगर कार्यकर्ता दल का निर्देश का उल्लंघन करके भाजपा के साथ जाते हैं, तो यह बहुत खतरनाक रुझान है।