---हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी, 23 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● आरोप निराधार, सरकार कर रही है साजिश : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
जैतपुरा थाना क्षेत्र के औसानगंज में स्थित एक मंदिर में स्थापित साई बाबा के मूर्ति की अगुंली असामाजिक तत्वों ने तोड़ दी। हंगामा कर रहे लोगों का आरोप रहा कि सुबह के वक्त स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कुछ लोगों के साथ मंदिर में दर्शन के लिए आये थे। मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के जाने के बाद तीन लोग दौड़ कर मंदिर से बाहर भागे। लोगों ने उग्र प्रदर्शन के बाद थानें में तहरीर दी। इस मामले में जैतपुरा पुलिस ने ज्योतिष द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सहित दो नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ 147,149,295,295 (क)153 क,505 (2) (3) आईपीसी एवं 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया हैं।
उधर स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने आरोप को बेबुनियाद बताया हैं। उन्होंने कहा कि काशी खंडोक्त में वर्णित मंदिरों में इस समय मेरा दर्शन पूजन चल रहा हैं, आज आठवां दिन हैं। हम मुर्तियों को तोड़ने से बचाने के लिए ही कठिन पदयात्रा कर रहे है। ऐसे में मुर्ति तोड़ने की बात करना निराधार है। यह कृत्य आन्दोलन को विफल करने की साजिश है। काशी के प्राचीन मंदिरों मूर्तियों को बचाने के लिए आन्दोलनम चल रहा है। बताया कि इसमें हमने जागेश्वर महादेव सहित प्राचीन मंदिरों में आज दर्शन पूजन किया। चूंकि हम लोग सनातन धर्म के मंदिरों में साईबाबा के मंदिर के स्थापना के विरूद्ध हैं। सनातनी परम्परा के अनुसार इसके लिए हमने सिद्धान्त भी निरूपित किया है। बावजूद हम या हमारे भक्त अनुयायी किसी भी मंदिर में स्थापित मूर्ति को तोड़ने में विश्वास नहीं रखते, आरोप निराधार हैं।