---हरेन्द्र शुक्ला, वाराणसी, 31 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● भयावह "मोटर न्यूरान डिज़ीज़" बीमारी की जगरूकता पर बनी फ़िल्म, आज तक कोई इलाज नहीं
● प्रो• विजयनाथ मिश्र के अनुसंधान पर आधारित फ़िल्म - "द डायिग मैन एण्ड हीज डायिग सिटी"
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान के न्यूरोलाजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो• विजयनाथ मिश्र के शोध पर जानलेवा बीमारी मोटर न्यूरॉन डिजीज पर निर्मित फिल्म "द डायिग मैन एण्ड हीज डायिग सिटी" का जुलाई के प्रथम सप्ताह में बीएचयू के कुलपति प्रो• राकेश भटनागर एवं पद्मश्री प्रो• सुनील प्रधान लोकार्पण करेंगें।
गुरुवार को चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो• वी• के• शुक्ल के साथ न्यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने भेटकर फिल्म के लोकार्पण के लिए कुलपति से अनुरोध किया जिसे कुलपति ने स्वीकार कर लिया। विभाग की ओर से कुलपति से उनके ऐतिहासिक अनुसंधान "ऐन्थ्रैक्स वैक्सीन की खोज" विषय पर, व्याख्यान देने के लिए भी आमंत्रित किया गया।
इस अवसर पर प्रो• विजयनाथ मिश्र ने बताया कि इस भयावह बीमारी के बारे में चिकित्सकों एवं न्यूरोवैज्ञानिकों में भी बहुत कम जगरूकता है। बढ़ते प्रदूषण भी इस रोग के कारण हो सकते हैं। विभाग के लोंगों द्वारा निर्मित इस फ़िल्म को सेंसर बोर्ड का प्रमाण पत्र मिल गया है। प्रो• मिश्र ने यह भी बताया कि खतरनाक बीमारी मोटर न्यूरान डिजीज ने प्रख्यात वैज्ञानिक स्टीफ़न हाकिंस, चीन के प्रख्यात नेता माओ जीडांग, प्रख्यात बेसबाल खिलाड़ी लोउ ग़ेरीघ आदि को मौत की नींद सुला चुका है।
बता दें कि इसके पूर्व भी प्रो• विजयनाथ मिश्र के अनुसंधान पर लकवा और मिर्गी रोग के प्रति अंधविश्वास और जनजागरुकता पर फिल्म "एक नया दिन" और "फिर वही दिन" का लोकार्पण तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कर चुके हैं।