---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 31 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
देश भर में चार लोकसभा और ग्यारह विधानसभा सीटों पर नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। जबकि महेशतला विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार ने महज विजय ही हासिल नहीं की है, भाजपा उम्मीदवार को 60 हजार से भी ज्यादा वोटों के फर्क से पराजित किया है। राष्ट्रीय राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के वन इज टू वन के फार्मूले की सफलता को लेकर उत्साहित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है।
विधानसभा उपचुनाव की गिनती जब अंतिम दौर में थी, सांसद इलाके में पहुंच गए थे। नतीजों से उत्साहित होकर उन्होंने एलान किया कि कर्नाटक में खूंटी पूजा हो गई है। महेशतला में जीत के साथ महालया की शुरूआत हो गई है। अब दिल्ली में दसवीं होगी।
उन्होंने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब से लेकर हर जगह भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बातों को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली और यूपी संभाल, तब बंगाल के बारे में सोचना। लेकिन साथ ही कहा कि यहां जारी विकास की आंधी में भाजपा के लिए कोई जगह नहीं है। पांच साल पहले हम लोगों ने 12 हजार वोटों से जीत हासिल की थी, अब भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच जीत का फर्क बढ़कर 60 हजार पार कर गया है।
दूसरी ओर, तृणमूल के विजयी उम्मीदवार दुलाल दास ने कहा कि मुख्यमंत्री के विकास कार्य को लोगों ने स्वीकृति दी है। यह जीत ममता की जीत है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान तृणमूल की शानदार जीत को छोटा करके दिखाने की कोशिश की गई थी। इसलिए हिंसा के आरोप लगाए गए थे। इस बार हम लोगों ने अपने कार्यकर्ताओं से साफ तौर पर कह रखा था कि अगर कोई आपके पैर पर पैर रखता है तो चुपचाप पैर पीछे खींच लेना। क्योंकि पराजित होने वाले अपनी हार का ठीकरा हमारे पर फोड़ना चाहते हैं। इसलिए हम लोगों ने किसी को मौका नहीं दिया, नतीजा लोगों के सामने है। पंचायत में भी लोगों ने विकास को समर्थन दिया था और यहां 10 कंपनी सुरक्षा बल के साथ भी वही नतीजा दोहराया है।