बुद्धदेव के आधार कार्ड को लेकर मुख्यमंत्री की ममता के चर्चे



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 01 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का आधार कार्ड नहीं बना था, जबकि उन्हें इसकी जरुरत थी। इस मामले की जानकारी जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मिली तो उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की समस्या का समाधान करने में पूरा सहयोग किया। मालूम हो कि पत्नी और बेटी ने तो आधार कार्ड बनवा लिया था, लेकिन बीमारी की वजह से बुद्धदेव कार्ड नहीं बना सके। इसके बाद 31 मार्च को कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी बंद हो गई। हाल में कुछ दिनों के लिए एक बार फिर आधार कार्ड बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री की बीमारी फिर उनके आड़े आ गई। बताया जाता है कि इस बारे में जब मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को जानकारी मिली तो उन्होंने आनन-फानन में मामले में हस्तक्षेप किया।

हालांकि प्रशासनिक तौर पर कोई खुल कर तो नहीं बता रहा है लेकिन सूत्रों का कहना है कि कोलकाता नगर निगम की ओर से नवान्न में सूचना दी गई कि बुद्धदेव को आधार कार्ड की जरुरत है। तुरंत उनका काम करने का विभाग की ओर से निर्देश दिया गया। करीब हफ्ता भर पहले नगर निगम के अधिकारी बुद्धदेव के घर गए और आधार में उनका नाम पंजीकृत किया। इसके साथ ही आधार कार्ड बनाकर उन्हें दे दिया गया।

भले ही उक्त प्रक्रिया पूरी तरह प्रशासनिक है, लेकिन अधिकारी इसके महत्व से इंकार नहीं करते। उनका कहना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में सौहार्द की एक मिसाल माना जा सकता है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2011 के बाद से इस तरह की कई मिसालें पेश की है, जब राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठते हुए उन्होंने विरोधी दल के नेताओं को व्यापक महत्व दिया।

मालूम हो कि राज्य में जब सत्ता परिवर्तन हुआ था, 2011 में मुख्यमंत्री ने बुद्धदेव समेत कई मार्क्सवादी नेताओं को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए खुद जाकर आमंत्रित किया था। पूर्व मुख्यमंत्री के सरकारी निवास में पेड़ के कारण दरार पड़ने की शिकायत जब उनकी पत्नी मीरा ने की, नगर निगम ने तुरंत मरम्मत की। कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री के निवास का दौरा करके मुख्यमंत्री ने जहां उनकी तबीयत का हाल पूछा, वहीं मकान की मरम्मत और शौचालय में पुनर्निमाण का भी जायजा लिया था।

मालूम हो कि 31 मार्च को आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद राज्य की सिफारिश पर आधार नियंत्रक संस्था यूआईडीएआई ने दोबारा 30 जून तक आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया चालू की है। फिलहाल तीन संस्थाएं कोलकाता नगर निगम के चार बोरो में यह काम कर रही हैं। इसके अलावा कुछ बैंक और डाकघरों में भी यह काम चल रहा है।

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