---रंजीत लुधियानवी, हावड़ा, 02 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
राज्य के कई और नगर निगम के साथ ही हावड़ा नगर निगम का कार्यकाल भी दिसंबर में पूरा हो रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारियों का मानन है कि नवंबर या दिसंबर में नगर निगम का चुनाव हो सकता है। फिलहाल नगर निगम में कुल मिलाकर 66 वार्ड हैं। माना जा रहा है कि वार्ड भाग करके डी-लिमीटेशन से वार्ड संख्या बढ़कर 100 हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि एक वार्ड की आबादी काफी बढ़ गई है। इसलिए जनसंख्या के मुताबिक वार्ड का गठन किए जाने के कारण वार्ड संख्या में वृद्धि जरुरी हो गई है। बताया जा रहा है कि सारे राजनीतिक दल वार्ड पुनर्गठन के समर्थक हैं। इसका एक कारण यह है कि अभी नगर निगम में विरोधी दल की संख्या भले ही शून्य नहीं है लेकिन सत्ताधारी दल का लक्ष्य विरोधी शून्य निगम गठन करना है।
पंचायत चुनाव में ही देखा गया है कि तृणमूल में एक सीट के लिए दो-दो, तीन-तीन दावेदार थे। इसी तरह की हालत नगर निगम चुनाव में हो सकती है। माना जा रहा है कि ज्यादा वार्ड रहने से ज्यादा लोगों को टिकट दिया जा सकेगा।
दूसरी ओर, भाजपा और माकपा की भी मांग है कि छोटे वार्ड होने चाहिए, जिससे कामकाज में आसानी हो। हालांकि उनका कहना है कि पुनर्गठन नियमानुसार होना चाहिए।
मालूम हो कि पहले हावड़ा नगर निगम में 50 वार्ड थे। बाद में बाली नगर पालिका का हावड़ा में विलय होने के बाद वार्ड की संख्या बढ़कर 66 हो गई। लेकिन कई वार्ड में जनसंख्या कहीं ज्यादा होने के कारण वार्ड के पुनर्गठन की जरुरत महसूस की जा रही है। अगर ऐसे वार्ड को भाग करके दो या तीन वार्ड बनाए जाते हैं, तब नगर निगम में वार्ड संख्या आसानी से 100 हो जाएगी।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने नगर निगम के वार्ड में जनसंख्या के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वार्ड नंबर 26 में 12000 से ज्यादा वोटर हैं तो वार्ड नंबर 50 में मतदाताओं की संख्या 49 हजार है। इसी तरह, वार्ड नंबर 40 में मतदाताओं की संख्या 39 हजार है। मतदाताओं की संख्या 12 से 15 हजार के बीच करने का लक्ष्य है। मालूम हो कि हावड़ा नगर निगम इलाके में करीब 13 लाख मतदाता हैं। ऐसे में अगर एक वार्ड में 13 हजार लोगों को रखा जाए, तब आसानी से वार्ड संख्या 100 हो जाएगी।