---प्रकाश पाण्डेय, कोलकाता, 02 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
महानगर के एमसीसीआई सभागार में आयोजित एक विशेष परिचर्चा कार्यक्रम 'इलेक्टोरल इंटीग्रिटी एंड रोल ऑफ मनी इन इलेक्शन्स' में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत किए भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि भारतीय चुनाव पद्धति को समूचे विश्व में पसंद किया जाता है। हालांकि चुनाव के दौरान हमारे समक्ष भी काफी सारी चुनौतियां होती है। वहीं चुनाव के लिए बैलेट पेपर वापस लाने संबंधी विपक्ष की मांगों को लेकर पूछे गए एक सावल के जवाब में उन्होंने कहा कि ईवीएम को वे ही बेकार व बकवास करार देते हैं जो चुनाव में असफल होते हैं। क्योंकि मशीनें बात नहीं कर सकती हैं और सियासी पार्टियों को हार के बाद दोषी ठहराने के लिए किसी की जरूरत होती है ऐसे में ईवीएम उनके पास एक जरिए के रूप में है। चुनाव में धन की भूमिका पर उन्होंने कहा कि जब भी इस तरह के मामले सामने आए हमने उक्त मुद्दें को संज्ञान में लिया और मुद्दें को स्पष्ट किया। वहीं उन्होंने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि चुनाव के दौरान पैसों का खेल नहीं चलता है। बावजूद इसके सावधानियों के साथ हर पहलू पर हम समान रूप से ध्यान देते हैं कि कही कोई कसर शेष न रह जाए। आगे उन्होंने कहा कि पिछले साल जुलाई में पैनल द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक के दौरान ईवीएम मशीन की सत्यापन के बाद इसकी घोषणा की गयी थी कि ईवीएम के जरिए ही मतदान की प्रक्रिया सुचारू रहेगी और मतदान प्रक्रिया में बढ़ी पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिए ईवीएम के साथ वीवीपीएटी का भी उपयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए भारत की पूरी दुनिया में प्रशंसा होती है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय और सिडनी विश्वविद्यालय द्वारा साल 2014 में किए गए एक सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन की सूची में भारत को 11 में से 9 संकेतकों में शामिल किया गया और 100 में से हमें 59 अंक हासिल हुए। इधर, पेड न्यूज और गलत ढंग से सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी उन्होंने खुलकर अपनी बातें रखीं। साथ ही कहा कि चुनावों में धन और बाहुबल के उपयोग को खत्म करने के लिए व्यापक उपाय किए जा रहे थे, ताकि पारदर्शिता और विश्वसनीयता कायम रहे। पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हुए हिंसा पर उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को समझते हुए संज्ञान में लिया गया और आम नागरिकों को सशक्त करने के बाबत निर्वाचन आयोग की ओर से एक एप जारी किया गया है जिसपर कोई भी नागरिक व मतदाता अपराधिक गतिविधियों के दृश्यों को अपने मोबाइल से कैप्चर कर भेज सकता है और भेजने वाले की शिनाख्त को गुप्त रखा जाएगा। इधर, दबी जुबान राज्य की मुख्यमंत्री द्वारा समय से पहले चुनाव की मांग के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि इसकी संभावना नहीं है।